106 साल की दादी रामबाई की फिटनेस को देख जवान लड़कियों को भी होती है जलन, हरियाणा की इस बूढ़ी दादी ने गोल्ड मेडल समेत जीत रखे है ये अवॉर्ड्स

रामबाई ने हाल ही में दिल्ली में आयोजित वेटरन एथलीट मीट में तीन स्वर्ण पदक जीतकर अपने पदकों की संख्या को बढ़ा दिया है। हरियाणा के चरखी दादरी जिले के गांव कादमा की 106 वर्षीय बुजुर्ग खिलाड़ी रामबाई ने...
 

रामबाई ने हाल ही में दिल्ली में आयोजित वेटरन एथलीट मीट में तीन स्वर्ण पदक जीतकर अपने पदकों की संख्या को बढ़ा दिया है। हरियाणा के चरखी दादरी जिले के गांव कादमा की 106 वर्षीय बुजुर्ग खिलाड़ी रामबाई ने उम्र की बाधा को तोड़ते हुए एक बार फिर खेल के मैदान में शानदार प्रदर्शन किया है।

रामबाई के अलावा उनकी बेटी संतरा सांगवान और पोती शर्मिला सांगवान ने भी एथलीट चैंपियनशिप में तीन-तीन पदक जीते हैं। अब तक वह 40 पदक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में जीत चुकी है।

घरेलू भोजन रामबाई की सेहत का राज है

106 साल की उम्र में खेल खेलना हर किसी के लिए संभव नहीं है। इसके बावजूद, रामबाई बढ़ती उम्र के साथ भी जीतती रहती हैं। रामबाई की सेहत का राज नियमित सैर और घर का बना खाना है। सुबह-शाम वह आधा किलो दूध पीती है, साथ ही घी, चूरमा, दही, मैसी रोटी और दूध भी खाती है। वह सुबह-शाम खेतों में भी घूमती है।

प्रतियोगिताओं में कई पुरस्कार जीते

आपको बता दें कि रामबाई पिछले दो वर्षों से देश-विदेश में प्रतियोगिताओं में भाग लेकर पदक जीत चुकी हैं। वह इन प्रतियोगिताओं में सबसे युवा प्रतिभागी होने के बावजूद पदक जीतने से नहीं चूकीं। दिल्ली में हाल ही में आयोजित वेटरन एथलीट मीट में उन्होंने हरियाणा का प्रतिनिधित्व किया था।

रामबाई ने 100 मीटर दौड़, 3000 मीटर वॉक और शॉट पुट में स्वर्ण पदक भी जीते हैं। उनकी 64 वर्षीय बेटी संतरा देवी ने शॉट पुट, 100 मीटर रेस और 3000 मीटर वॉक में स्वर्ण पदक जीते।

रामबाई की पोती शर्मिला सांगवान ने डिस्कस थ्रो इवेंट में सिल्वर मेडल, 3000 मीटर वॉक में गोल्ड मेडल और शॉट पुट इवेंट में गोल्ड मेडल जीता। अन्य प्रतियोगिता में रामबाई की तीन पीढ़ियों ने हरियाणा को नौ पदक दिलाए, सात स्वर्ण और दो रजत पदक।