पुलिस अगर आपको गिरफ़्तार कर ले तो इन 5 अधिकारों की ले सकते है मदद, आधी समस्याएँ हो जाएगी ख़त्म

पुलिस हर नागरिक को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करती है, दोषी और अपराधी गिरफ्तार भी करती है. यदि किसी कारणवश गिरफ्तारी की नौबत आती है, तो आइए आपको बताते हैं ऐसे 05 अधिकार जिनका उपयोग आप कर सकते हैं.
 

पुलिस हर नागरिक को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करती है, दोषी और अपराधी गिरफ्तार भी करती है. यदि किसी कारणवश गिरफ्तारी की नौबत आती है, तो आइए आपको बताते हैं ऐसे 05 अधिकार जिनका उपयोग आप कर सकते हैं.

पहला अधिकार

मान लीजिए किसी मामले में पुलिस आपको गिरफ्तार करने आती है, तो आपका यह पहला अधिकार है कि आप उससे आईडी या पहचान पत्र मांगें. गिरफ्तार होने वाले व्‍यक्‍ति का यह अधिकार है कि वह पुलिस अधिकारी से पूछे कि उसे किस मामले में और क्‍यों गिरफ्तार किया जा रहा है. आप लगाई धाराओं के बारे में भी जानकारी हासिल कर सकते हैं.

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दूसरा अधिकार

गिरफ्तार होने वाले व्‍यक्‍ति का यह अधिकार है कि वह अपने कानूनी अधिकार की जानकारी ले. गिरफ्तारी के दौरान आप पुलिस से अपने कानूनी अधिकार मांग सकते हैं. यही नहीं आप अपने रिश्‍तेदारों, फैमिली मेंबर्स और परिचित को कॉल भी कर सकते हैं एवं उन्‍हें सहायता के लिए बुला सकते हैं. 

तीसरा अधिकार

गिरफ्तार होने की स्‍थिति में तीसरा महत्‍वपूर्ण अधिकार है कि संबंधित व्‍यक्‍ति अपने वकील से संपर्क करे. राजीव कहते हैं कि गिरफ्तार होने की स्‍थिति में वकील की सेवाएं लेने का पूरा अधिकार है. यही नहीं आप उसी समय पुलिस को बुला सकते हैं. यही नहीं यदि वकील करने की स्‍थिति नहीं है तो न्‍यायालय से अपील की जा सकती है और ऐसी स्‍थिति में कोर्ट आपको वकील उपलब्‍ध कराएगा.

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चौथा अधिकार

गिरफ्तार होने की स्‍थिति में पुलिस आपको केवल 24 घंटे तक ही हिरासत में रख सकती है, जबकि उसके बाद उसे मजिस्‍ट्रेट से परमिशन लेनी होगी.

पांचवां अधिकार 

आप जब तक पुलिस कस्टडी में हैं, तब तक हर 48 घंटों में अपनी मेडिकल जांच करवाने का अधिकार है.