नया एयरपोर्ट बनाने के लिए इन 14 गांवो की जमीन का होगा अधिग्रहण, करोड़ों में पहुंची जमीनों की कीमतें

राज्य सरकार (State Government) ने कांगड़ा हवाई अड्डे (Kangra Airport) के विस्तार के लिए भूमि अधिग्रहण (Land Acquisition) को मंजूरी दे दी है। इस प्रक्रिया पर 2,000 करोड़ रुपये (2,000 Crore Rupees) का व्यय...
 

राज्य सरकार (State Government) ने कांगड़ा हवाई अड्डे (Kangra Airport) के विस्तार के लिए भूमि अधिग्रहण (Land Acquisition) को मंजूरी दे दी है। इस प्रक्रिया पर 2,000 करोड़ रुपये (2,000 Crore Rupees) का व्यय अनुमानित है, जिसके लिए एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (Airport Authority of India) द्वारा विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार की जा रही है।

इस विस्तारीकरण प्रक्रिया में जहां एक ओर विकास (Development) की संभावनाएं हैं, वहीं दूसरी ओर ग्रामीणों के जीवन पर इसके प्रभावों को लेकर गंभीर चिंताएं भी हैं। राज्य सरकार और संबंधित प्राधिकरणों को इस विस्तारीकरण के लिए आगे बढ़ने से पहले इन चिंताओं का समाधान (Solution) खोजना होगा, ताकि विकास और स्थानीय समुदायों के हित (Community Interests) में संतुलन बनाया जा सके।

प्रभावित होंगे कांगड़ा और शाहपुर के परिवार

इस विस्तार से कांगड़ा और शाहपुर (Kangra and Shahpur) के 14 गांवों के लगभग 1400 से अधिक परिवार (Affected Families) प्रभावित होंगे। सोशल इंपैक्ट असेसमेंट (SIA) ने इस विस्तारीकरण के प्रभावों का आकलन करते हुए एक सर्वे रिपोर्ट प्रदेश सरकार को सौंपी थी।

विस्तार की चुनौतियाँ और ग्रामीणों का विरोध

गगल एयरपोर्ट (Gaggal Airport) के विस्तारीकरण के लिए जरूरी भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया और इसके लिए अनुमानित लागत के संदर्भ में ग्रामीणों में व्यापक विरोध (Opposition) देखने को मिल रहा है। किसानों और ग्रामीणों का कहना है कि हवाई अड्डे के विस्तार से उनकी उपजाऊ भूमि (Fertile Land) और आजीविका (Livelihood) पर विपरीत प्रभाव पड़ेगा।

जनसुनवाई में उभरी चिंताएं

जनसुनवाई (Public Hearing) के दौरान ग्राम पंचायत इच्छी के गांव इच्छी में ग्रामीणों ने स्पष्ट रूप से कहा कि वे हवाई अड्डे के विस्तारीकरण को किसी भी हालत में स्वीकार नहीं करेंगे। उनका मानना है कि इस विस्तारीकरण से उनकी जीवनशैली (Lifestyle) और पारंपरिक व्यवसाय (Traditional Occupations) पर गहरा असर पड़ेगा।

नकदी फसलों पर प्रभाव और आर्थिक चिंताएं

किसानों ने बताया कि उनकी भूमि पर विभिन्न प्रकार की नकदी फसलें (Cash Crops) उगाई जाती हैं, जो उनकी आर्थिक स्थिरता (Economic Stability) का आधार हैं। हवाई अड्डे के विस्तार से उनके सारे साधन उनसे छिन जाने का डर है।