7 और 8 अगस्त को स्कूल रहेंगे बंद, भारी बारिश के चलते आदेश जारी
उत्तराखंड में बारिश का कहर स्कूल रहेंगे बंद
उत्तराखंड के कई हिस्सों में लगातार हो रही भारी बारिश ने आम जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार ने चंपावत, पौड़ी और उधम सिंह नगर जिलों में कक्षा 1 से 12 तक के स्कूल और आंगनवाड़ी केंद्र बंद रखने का निर्णय लिया है। 7 अगस्त 2025 को भी इन स्कूलों में छुट्टी रहेगी।
मौसम विभाग की चेतावनी के बाद लिया गया निर्णय
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने इन इलाकों में भारी बारिश, बाढ़ और भूस्खलन की संभावना जताई है। इसी चेतावनी के मद्देनज़र सरकार ने छात्रों और शिक्षकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्कूलों में छुट्टी घोषित की है। इससे पहले भी 6 अगस्त को पूरे उत्तराखंड में स्कूल बंद रहे थे।
यूपी के लखीमपुर खीरी में दो दिन की छुट्टी घोषित
उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में भी भारी बारिश की वजह से जनजीवन प्रभावित हो रहा है। इसी को ध्यान में रखते हुए 7 अगस्त और 8 अगस्त 2025 को कक्षा 1 से 8 तक के सभी स्कूलों को बंद रखने का निर्णय लिया गया है।
आधिकारिक विज्ञप्ति में क्या कहा गया?
जारी आदेश में स्पष्ट लिखा गया है "जनपद लखीमपुर खीरी में अत्यधिक वर्षा होने के कारण जलभराव एवं अतिवृष्टि की संभावना को दृष्टिगत रखते हुए जिलाधिकारी महोदया के निर्देश पर 7 अगस्त से 8 अगस्त तक समस्त परिषदीय, मान्यता प्राप्त, सहायता प्राप्त, बोर्ड के हिंदी/अंग्रेजी माध्यम के विद्यालयों में कक्षा 1 से 8 तक अवकाश घोषित किया जाता है।"
शिक्षकों को ऑनलाइन कार्य जारी रखने का निर्देश
हालांकि छात्रों को छुट्टी दी गई है, लेकिन आदेश में यह भी कहा गया है कि शिक्षकों, शिक्षामित्रों और अनुदेशकों को प्रेरणा पोर्टल पर DBT कार्य व यूडायस रिपोर्ट की पेंडेंसी पूरी करनी होगी। खंड शिक्षा अधिकारी इन कार्यों की निरंतर मॉनिटरिंग करेंगे। साथ ही ब्लॉक संसाधन केंद्रों पर FLN प्रशिक्षण और अन्य गतिविधियां सुचारू रूप से चलती रहेंगी।
अन्य जिलों में भी अलर्ट, हो सकती हैं छुट्टियां
वर्तमान में भले ही यह आदेश उत्तराखंड और यूपी के कुछ सीमित जिलों में लागू हुआ है, लेकिन बारिश के बढ़ते प्रभाव और मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए अन्य जिलों में भी इसी तरह के निर्णय जल्द लिए जा सकते हैं। इसलिए अभिभावकों और छात्रों को स्थानीय प्रशासन और स्कूल से जुड़े अपडेट्स पर नजर बनाए रखने की सलाह दी जाती है।
छात्र-छात्राओं की सुरक्षा प्राथमिकता
सरकार और शिक्षा विभाग का मुख्य उद्देश्य छात्रों की सुरक्षा है। भूस्खलन, बाढ़ और जलभराव की स्थिति में स्कूल खुलने से जोखिम बढ़ सकता है, इसलिए यह निर्णय सावधानी और सुरक्षा की दृष्टि से लिया गया है।