यूपी में लोगों के घर-घर जा रही है बिजली विभाग की टीम, लोगों से ले रही है ये जानकारी
आज के डिजिटल युग में तकनीक का उपयोग हर क्षेत्र में बढ़ता जा रहा है। इसी क्रम में बिजली निगम ने भी एक नई और अनूठी पहल की है। अब बिजली उपभोक्ताओं का हर एक रिकॉर्ड निगम के गूगल एप पर दर्ज किया जाएगा। इस नई प्रणाली के तहत उपभोक्ताओं के बिजली उपयोग उनके मीटरों की स्थिति और उनके बिलों की सटीकता का रिकॉर्ड रखा जाएगा।
इसका मुख्य उद्देश्य उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएँ प्रदान करना और निगम के राजस्व में वृद्धि करना है। यह पहल न केवल बिजली निगम को अपने राजस्व में सुधार करने में मदद करेगी, बल्कि उपभोक्ताओं को भी अधिक पारदर्शी और न्यायसंगत बिलिंग प्रणाली का लाभ मिलेगा।
इसके अलावा यह प्रणाली बिजली चोरी और अन्य गैर-कानूनी गतिविधियों को रोकने में भी सहायक सिद्ध होगी। आने वाले समय में इस प्रणाली का विस्तार अन्य क्षेत्रों में भी किया जा सकता है, जिससे पूरे राज्य में बिजली सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा।
शहरी क्षेत्रों में पहली शुरुआत
इस प्रणाली की शुरुआत शहरी क्षेत्रों से की गई है, जहाँ 2.27 लाख उपभोक्ताओं तक पहुँचना निगम का लक्ष्य है। इस दिशा में कदम बढ़ाते हुए, निगम ने मीटर रीडरों के साथ एक विशेष कर्मचारी की नियुक्ति की है।
जो उपभोक्ताओं के घरों में जाकर सभी आवश्यक जानकारी एप पर दर्ज करेगा। इससे न केवल रिकॉर्ड की सटीकता सुनिश्चित होगी, बल्कि मीटर रीडरों द्वारा बिना घर जाए बिल जारी करने की प्रथा पर भी रोक लगेगी।
गड़बड़ियों पर निगरानी
शुरुआती जांच में ही कई गड़बड़ियां सामने आई हैं, जिनमें खराब और चाइना मीटरों का इस्तेमाल मुख्य है। इस पहल के माध्यम से बिजली निगम उपभोक्ताओं के बिजली बिल में होने वाली अनियमितताओं और अन्य समस्याओं का समाधान करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
निगम के अधिकारियों की प्रतिक्रिया
बिजली निगम के अधीक्षण अभियंता लोकेद्र बहादुर सिंह ने बताया कि इस प्रणाली के शुरू होने से पहले ही कई खामियां पकड़ी गई हैं, जिन्हें ठीक किया जा रहा है। उन्होंने इस पहल को बिजली निगम और उपभोक्ताओं के बीच संवाद और सेवा की गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बताया।