आने वाले दिनों में गेंहु की कीमतों में आ सकता है तगड़ा उछाल, 400 रूपये तक जा सकता है गेंहु का दाम

इस साल भारतीय मार्केट में गेहूं का उत्पादन तो बंपर हुआ है लेकिन खरीदी की रफ्तार काफी धीमी है। भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के आंकड़ों के मुताबिक इस खरीदी सीजन में लक्ष्य के मुकाबले महज 25.7 मिलियन मीट्रिक टन गेहूं ही खरीदा जा सका है जो निर्धारित लक्ष्य से 31 प्रतिशत कम है।
खरीद में तेजी क्यों नहीं?
गेहूं खरीद में आई इस सुस्ती के पीछे दो मुख्य कारण हैं। पहला अधिकांश किसान बाजार में अच्छी कीमत पाने के चलते और तुरंत भुगतान की आस में निजी व्यापारियों को गेहूं बेच रहे हैं। दूसरा कई किसान उम्मीद में कि आने वाले महीनों में गेहूं की कीमतें और बढ़ेंगी अपने गेहूं का स्टॉक रख रहे हैं।
भंडारण की चिंताएँ
एफसीआई द्वारा राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून के तहत गेहूं का आवश्यक भंडारण करना आवश्यक है। मार्च के महीने में गेहूं के भंडार ने गिरावट दिखाई जो निर्धारित बफर मानक से बमुश्किल अधिक था। इस वर्ष की बंपर फसल के बावजूद खरीद की कमी ने भंडारण लक्ष्यों को प्रभावित किया है।
कीमतों में बढ़ोतरी की संभावना
बाजार विश्लेषकों का मानना है कि खरीद की धीमी गति और किसानों द्वारा गेहूं का स्टॉक रखे जाने के कारण आने वाले महीनों में गेहूं की कीमतों में ज्यादा बढ़ोतरी हो सकती है। यह बढ़ोतरी खरीदारों और नीति निर्माताओं के लिए नई चुनौतियाँ पेश कर सकती है।