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प्राइवेट नौकरी करने वालों के लिए आई बड़ी खुशखबरी, इन लोगो को होगा तगड़ा फायदा

हाल ही में केंद्र सरकार ने कर्मचारी पेंशन योजना (EPS), 1995 में महत्वपूर्ण संशोधन किया है जिससे प्राइवेट नौकरी करने वाले कर्मचारियों को बड़ी राहत मिलने वाली है।
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हाल ही में केंद्र सरकार ने कर्मचारी पेंशन योजना (EPS), 1995 में महत्वपूर्ण संशोधन किया है जिससे प्राइवेट नौकरी करने वाले कर्मचारियों को बड़ी राहत मिलने वाली है। इस बदलाव के तहत, वे कर्मचारी जिन्होंने केवल छह महीने या उससे कम समय के लिए EPS में योगदान दिया है उन्हें भी अब इस योजना से विदड्रॉल का लाभ मिल सकेगा। इस संशोधन से प्रतिवर्ष लगभग 7 लाख से ज्यादा कर्मचारियों को फायदा होने की संभावना है।

कर्मचारी पेंशन योजना में योगदान की प्रक्रिया

कर्मचारी पेंशन योजना, 1995 (EPS) विशेष रूप से संगठित क्षेत्र के प्राइवेट सेक्टर के कर्मचारियों के लिए बनाई गई थी जिसमें वे रिटायरमेंट के बाद पेंशन का लाभ उठा सकें। EPF स्कीम 1952 के तहत कर्मचारी का कुल योगदान 12% होता है जिसमें से 8.33% EPS में और शेष 3.67% EPF में जाता है। इसके अलावा EDLI में 0.50% योगदान दिया जाता है। जब कर्मचारी 58 वर्ष की आयु को प्राप्त करता है तो उसे EPS के तहत निधि से मासिक पेंशन मिलने लगती है।

परिवार के सदस्यों को भी मिलता है पेंशन का लाभ

एक और खास बात यह है कि EPS योजना सिर्फ कर्मचारियों तक ही सीमित नहीं है। यदि किसी EPF सदस्य का देहांत हो जाता है तो उसकी पत्नी और बच्चे भी 'फैमिली पेंशन' के रूप में पेंशन का लाभ उठा सकते हैं। इस योजना के तहत कर्मचारी का अधिकतम मासिक योगदान 1,250 रुपये तक सीमित है, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि रिटायरमेंट के बाद कर्मचारी और उनके परिवार को आर्थिक सुरक्षा प्राप्त हो।

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