हरियाणा में पराली को ठिकाने लगाने के लिए अनोखा जुगाड़, किसानों को हो रही बढ़िया कमाई
Haryana news: हरियाणा में पिछले कई सालों से पराली जलाना एक गंभीर समस्या बनी हुई है. इससे न केवल पर्यावरणीय प्रदूषण बढ़ता है बल्कि यह स्वास्थ्य के लिए भी हानिकारक है. हरियाणा सरकार और सुप्रीम कोर्ट ने इस मुद्दे पर सख्ती बरतने की कोशिश की है लेकिन पहले के प्रयासों से महत्वपूर्ण परिणाम नहीं मिले हैं.
सरकारी सब्सिडी और प्रोत्साहन राशि
इस प्रदूषण समस्या को देखते हुए अब हरियाणा सरकार ने किसानों को सब्सिडी (Subsidy on Agricultural Tools) के तहत कृषि यंत्र देने के साथ-साथ 1000 रुपए प्रति एकड़ की प्रोत्साहन राशि देने का निर्णय लिया है. इससे किसानों को पराली को जलाने की बजाय अन्य तरीके से निपटाने की प्रेरणा मिल रही है.
अंबाला में पराली जलाने की घटती घटनाएँ
अंबाला में पराली जलाने के मामले काफी कम हो गए हैं जिसका श्रेय सरकार की इस नई योजना को जाता है. किसान अब बेलर मशीन (Baler Machines) की मदद से खेतों में बची पराली को गांठ में बदल रहे हैं, जिसे बाद में मार्केट में बेचा जा सकता है. यह प्रक्रिया न केवल पर्यावरण के लिए लाभकारी है बल्कि किसानों को आर्थिक रूप से भी सहायता प्रदान करती है.
शहजादपुर ब्लॉक में योजना की सफलता
अंबाला के शहजादपुर ब्लॉक में किसान इस नई योजना का लाभ उठा रहे हैं और उन्हें मिलने वाली प्रोत्साहन राशि (Incentive Payment) से उत्साहित होकर पराली का सही उपयोग कर रहे हैं. इससे खेतों से पराली की सफाई हो रही है और साथ ही उन्हें अतिरिक्त आय का स्रोत भी मिल रहा है.
