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यूपी के इन शहरों से होकर बिछाई जाएगी 89KM लंबी नई रेल पटरियां, इन जगहों पर बनाए जाएंगे 7 स्टेशन

उत्तर प्रदेश में आजमगढ़ और वाराणसी के बीच नई रेल लाइन की स्थापना से जुड़े फाइनल लोकेशन सर्वे के सफल समापन के साथ इस क्षेत्र में यातायात और संचार के नए आयाम स्थापित होने की उम्मीद जगी है।
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उत्तर प्रदेश में आजमगढ़ और वाराणसी के बीच नई रेल लाइन की स्थापना से जुड़े फाइनल लोकेशन सर्वे के सफल समापन के साथ इस क्षेत्र में यातायात और संचार के नए आयाम स्थापित होने की उम्मीद जगी है। इस नवनिर्मित रेल मार्ग की कुल लम्बाई 89 किलोमीटर होगी।

जो आजमगढ़ को न केवल वाराणसी बल्कि गोरखपुर के विस्तृत नेटवर्क से भी जोड़ेगी। इस प्रोजेक्ट के पूरा होने से वाराणसी से आजमगढ़ के बीच की दूरी मात्र 95 किमी रह जाएगी और प्रति यात्री किराया लगभग 65 रुपये होने की संभावना है।

सर्वे से लेकर संघर्ष तक

इस परियोजना का प्रारंभिक सर्वे पूरा हो चुका है और फाइनल सर्वे के सफल समापन के साथ यह प्रोजेक्ट अब डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) के चरण में प्रवेश कर चुका है। अधिकारियों की कड़ी मेहनत और सरकार की दृढ़ इच्छाशक्ति से इस बात की प्रबल संभावना है कि आगामी बजट में इस परियोजना के लिए 1000 करोड़ से अधिक का निवेश प्राप्त हो सकेगा।

विस्तार और संपर्क

इस रेल मार्ग परियोजना में सठियांव (आजमगढ़) और दोहरीघाट (मऊ) के बीच 34 किमी का एक खंड भी शामिल है। यह खंड दोहरीघाट-सहजनवा (गोरखपुर) रेलखंड से जुड़ेगा। जिससे बलिया, गाजीपुर, और मऊ के निवासियों के लिए विकास की नई दिशाएँ खुलेंगी।

परियोजना की उन्नति

औड़िहार से सराय रानी रेलवे स्टेशन को जोड़ने के लिए 55 किमी की नई रेललाइन का निर्माण किया जाएगा। सराय रानी से आजमगढ़ रेलवे स्टेशन के बीच आठ किमी की दूरी पहले से ही मौजूद है, जो इस नई परियोजना के साथ और भी मजबूती से जुड़ जाएगी।

राजनीतिक दृष्टिकोण और प्रतिबद्धता

रेल मंत्री अश्वनी वैष्णव से मिलकर इस परियोजना के लिए प्रयासरत एक टीम ने दो दशकों से ज्यादा समय तक संघर्ष किया है, जिसके फलस्वरूप यह परियोजना अब जमीन पर उतरने को तैयार है। वाराणसी और गोरखपुर के रेल नेटवर्क से जुड़ने के बाद आजमगढ़ न केवल संचार और परिवहन के नए आयामों को छूएगा बल्कि विकास की नई दिशाओं में भी अग्रसर होगा।