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भारत में इस जगह गुलाल लगाने के बाद लड़के के साथ भाग जाती है लड़की, फिर परिवार दोनों की रज़ामंदी से करवा देता है शादी

भारत के कई हिस्सों में मौजूद अजीबोगरीब परंपराओं के बारे में जानकर आप हैरान रह जाएंगे। मध्य प्रदेश राज्य में, एक जनजाति है जो भगोरिया नामक एक बहुत ही असामान्य त्योहार मनाती है। आइए आपको बताते हैं इस दिलचस्प भगोरिया फेस्टिवल के बारे में।
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Bhagoria Festival marriage

भारत के कई हिस्सों में मौजूद अजीबोगरीब परंपराओं के बारे में जानकर आप हैरान रह जाएंगे। मध्य प्रदेश राज्य में, एक जनजाति है जो भगोरिया नामक एक बहुत ही असामान्य त्योहार मनाती है। आइए आपको बताते हैं इस दिलचस्प भगोरिया फेस्टिवल के बारे में।

लड़की को रंग लगा कर भगा ले जाता है लड़का

इस भगोरिया फेस्टिवल मे लड़का जिस भी लड़की को पसंद करता है, उसे रंग लगाता है और वही लड़की लड़के के चेहरे पर रंग लगाकर या उसे पान देकर जवाब देती है। जिसका मतलब होता है की वह लड़की भी उस लड़के को पसंद करती है। अगर वे दोनों एक-दूसरे के प्रति सकारात्मक महसूस करते हैं, तो वे एक साथ भाग जाते हैं। कभी-कभी वह लड़के घर या उसके किसी रिश्तेदार या दोस्त के घर जाती है और अपने परिवार की सहमति से होली के आसपास शादी कर लेती है।

होली से सात दिन पहले मनाया जाता है भगोरिया त्योहार

यह किसी बॉलीवुड फिल्म का सीन नहीं है। मध्य प्रदेश के तीन आदिवासी जिलों अलीराजपुर, झाबुआ और शहडोल में आयोजित भगोरिया हाट (भगोरिया महोत्सव) का यह वास्तविक दृश्य है। होली से सात दिन पहले मनाया जाने वाला भगोरिया हाट भील जनजाति का त्योहार है। ये आदिवासी कटाई के मौसम के अंत को चिह्नित करने के लिए भगोरिया भी मनाते हैं। भील जनजाति होली से सात दिन पहले भगोरिया हाट मनाती है, और यह कटाई के मौसम के अंत का प्रतीक है।

इस कारण उत्सव का नाम भगोरिया पड़ा

आपकी जानकारी के लिए बता दें की भगोरिया नाम की उत्पत्ति 'भाग जाने' से हुई है जिसका अर्थ है भागना। हालांकि नाम से ही इस उत्सव के बारे मे स्पष्ट हो जाता है। इस उत्सव में भाग लेने वाला पहला जोड़ा भाव और गौरी को बताया जाता है। वे कोई और नहीं बल्कि भगवान शिव और पार्वती हैं, इसी के चलते इस उत्सव का नाम भगोरिया पड़ा था। 

राजा भगोरे ने की थी इस परंपरा की शुरुआत 

वही कुछ स्थानीय लोगों का मानना है कि राजा भगोरे ने इस क्षेत्र पर जब जीत हासिल की थी तब जीत की खुशी मे उन्होंने अपनी सेना को अपनी पसंद की लड़की के साथ हाट में भाग जाने की अनुमति दी थी। तब से यह परंपरा हर साल किसी न किसी रूप में निभाई जाती है।

लड़का पसंद ना हो तो लड़किया करती है ऐसा 

चाहे कारण कुछ भी हो, पर देश में युवा लोगों को अपना साथी चुनने की आजादी मिल रही है, जबकि उनके साथ बाकी सभी अपने जीवन साथी चुनने में शामिलहोते हैं। भगोरिया उत्सव में यह प्रथा है कि अगर लड़की को लड़का पसंद नहीं आता है तो वह रंग-लगाकर आगे बढ़ जाती है।