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Alcohol Policy Update: यूपी में योगी सरकार का बड़ा फैसला, इन लोगों को अब नहीं मिलेगी शराब की बोतल

उत्तर प्रदेश सरकार ने शराब पीने पर पूर्ण पाबंदी तो नहीं लगाई है, लेकिन एक विशेष उम्र वर्ग के लोगों के लिए शराब की पहुँच पर कड़े नियम लागू कर दिए हैं। आबकारी मंत्री (Excise Minister) नितिन अग्रवाल के द्वारा जारी...
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Excise Department uttar Pradesh

उत्तर प्रदेश सरकार ने शराब पीने पर पूर्ण पाबंदी तो नहीं लगाई है, लेकिन एक विशेष उम्र वर्ग के लोगों के लिए शराब की पहुँच पर कड़े नियम लागू कर दिए हैं। आबकारी मंत्री (Excise Minister) नितिन अग्रवाल के द्वारा जारी इन सख्त आदेशों का उद्देश्य समाज में शराब के दुरुपयोग को रोकना है।

इस नई पहल से उम्मीद है कि नागरिक स्वस्थ और सुरक्षित जीवनशैली की ओर अग्रसर होंगे। उत्तर प्रदेश सरकार की यह पहल न केवल शराब के दुरुपयोग को रोकने का एक प्रयास है बल्कि यह राज्य में जहरीली शराब की बिक्री को रोकने और एक स्वस्थ समाज की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी है।

इस नीति से न केवल आर्थिक लाभ होगा बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन भी आएगा। इसके अलावा, आबकारी विभाग और पुलिस विभाग के सहयोग से शराब तस्करी और जहरीली शराब की बिक्री पर कड़ी नजर रखी जा सकेगी, जिससे राज्य में सुरक्षा और स्वास्थ्य की स्थिति में सुधार होगा।

नियमों का कड़ाई से पालन

आबकारी विभाग (Excise Department) की एक समीक्षा बैठक में, मंत्री नितिन अग्रवाल ने विभाग की प्रवर्तन टीमों को इस नियम के पालन पर कड़ी नजर रखने के लिए कहा।

इसके अलावा, उन्होंने राजस्व वृद्धि (Revenue Increase) के लिए 50 हजार करोड़ रुपये के लक्ष्य को प्राप्त करने का निर्देश भी दिया। इस नवीन पहल से राज्य में शराब के वितरण और उपभोग को नियंत्रित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया जा सकेगा।

शराब तस्करी पर नकेल

मंत्री ने शराब तस्करी (Smuggling) पर विशेष नजर रखने और इसे रोकने के लिए जीएसटी (GST) और पुलिस विभाग (Police Department) के सहयोग को भी महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कई महत्वपूर्ण जिलों में चेक पोस्ट स्थापित करने और हाईवे पर विशेष नजर रखने के निर्देश दिए हैं।

इससे शराब तस्करी को काफी हद तक रोका जा सकेगा और राज्य में जहरीली शराब (Toxic Liquor) की बिक्री पर भी अंकुश लगेगा।

राजस्व वसूली और सुधार की दिशा में कदम

आबकारी मंत्री ने राजस्व वसूली (Revenue Collection) में पिछड़े 11 जिलों से स्पष्टीकरण मांगा है। इससे यह संकेत मिलता है कि सरकार राजस्व वृद्धि के साथ-साथ शराब के नियमन में भी गंभीर है।

इस प्रकार के सक्रिय कदम राज्य की आर्थिक स्थिति (Economic Condition) को मजबूत करने और समाज में स्वस्थ जीवनशैली को प्रोत्साहित करने में महत्वपूर्ण सिद्ध होंगे।