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भारत के इस राज्य में प्लास्टिक की बोतलों में शराब की बिक्री पर लगी रोक, शराब की कीमत में हो सकती है बढ़ोतरी

हरियाणा सरकार (Haryana Government) ने एक अनूठी और पर्यावरण-हितैषी (Environment-Friendly) पहल की घोषणा की है। उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला (Deputy CM Dushyant Chautala) के अनुसार, 1 मार्च 2024...
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हरियाणा सरकार (Haryana Government) ने एक अनूठी और पर्यावरण-हितैषी (Environment-Friendly) पहल की घोषणा की है। उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला (Deputy CM Dushyant Chautala) के अनुसार, 1 मार्च 2024 से प्रदेश में देशी शराब (Country Liquor) को प्लास्टिक की बोतलों में बेचने पर पूर्ण प्रतिबंध (Complete Ban) लागू होगा।

इस निर्णय से हरियाणा, ऐसा करने वाला देश का पहला राज्य (First State) बन जाएगा। यह जानकारी उपमुख्यमंत्री ने चंडीगढ़ प्रेस क्लब में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस (Press Conference) में दी। हरियाणा सरकार की ये पहल न केवल पर्यावरण संरक्षण (Environmental Conservation) की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

बल्कि यह राज्य की आर्थिक स्थिरता (Economic Stability) और वृद्धि को भी दर्शाता है। देशी शराब को प्लास्टिक की बोतलों में बेचने पर प्रतिबंध, जीएसटी संग्रह में वृद्धि और आबकारी टैक्स से प्राप्त राजस्व में स्थिर वृद्धि, हरियाणा सरकार की प्रगतिशील नीतियों (Progressive Policies) को प्रकट करती है।

इससे अन्य राज्यों के लिए भी एक उदाहरण स्थापित होता है कि कैसे आर्थिक विकास और पर्यावरण संरक्षण को साथ-साथ ले कर चला जा सकता है।

जीएसटी संग्रह में उल्लेखनीय वृद्धि

उपमुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि पिछले चार वर्षों में जीएसटी संग्रह (GST Collection) में 30 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है, जो कि राज्य की आर्थिक प्रगति (Economic Progress) का संकेत है। वित्त वर्ष 2023-2024 में अब तक 16 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ, राज्य सरकार को 32,456 करोड़ रुपये का टैक्स (Tax) प्राप्त हुआ है।

उपमुख्यमंत्री ने आगे जानकारी दी कि सरकार ने 36,000 करोड़ रुपये का जीएसटी संग्रह लक्ष्य (GST Collection Target) निर्धारित किया था, जिसे समय रहते पूरा कर लेने की पूर्ण विश्वास है।

आबकारी टैक्स में स्थिर वृद्धि

वित्तीय वर्ष 2019-2020 में आबकारी टैक्स (Excise Tax) से 6,361 करोड़ रुपये प्राप्त हुए थे। उपमुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले वर्ष 2023 में, जुलाई तक 9,687 करोड़ रुपये और इस वर्ष 28 जनवरी 2024 तक पहले ही 9,232 करोड़ रुपये का टैक्स एकत्र (Collected) हो चुका है।

इस आबकारी-वर्ष में 10,500 करोड़ रुपये का लक्ष्य (Target) था, लेकिन उपमुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि वर्ष के अंत तक 11,500 करोड़ रुपये का टैक्स प्राप्त हो जाएगा, जो लक्ष्य से भी अधिक है।