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Business Idea: 15 हजार की लागत से सरकार की मदद से शुरू कर सकते है ये कमाल का बिजनेस, हर महीने होगी बंपर कमाई

कोरोना महामारी के पश्चात् आर्थिक व्यवस्था (Economic System) में आई मंदी ने कई व्यवसायों को प्रभावित किया है। जहां एक ओर कई लोगों का काम ठप्प हो गया, वहीं बेरोजगारी की समस्या भी गहराई।
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कोरोना महामारी (Corona Pandemic) के पश्चात् आर्थिक व्यवस्था (Economic System) में आई मंदी ने कई व्यवसायों को प्रभावित किया है। जहां एक ओर कई लोगों का काम ठप्प हो गया, वहीं बेरोजगारी (Unemployment) की समस्या भी गहराई।

इस परिदृश्य में, सरकार नए उद्यमियों (Entrepreneurs) को बिजनेस शुरू करने के लिए प्रोत्साहित कर रही है। सैनिटरी नैपकिन व्यवसाय न केवल आर्थिक स्वतंत्रता (Financial Independence) प्रदान करता है बल्कि समाज को एक जरूरी सेवा भी प्रदान करता है।

मुद्रा लोन स्कीम के तहत सरकारी सहायता से इस व्यवसाय को शुरू करने वाले उद्यमी न केवल अपने लिए बल्कि देश के लिए भी लाभदायक सिद्ध हो सकते हैं। यह व्यवसाय आत्मनिर्भर भारत (Self-reliant India) की दिशा में एक मजबूत कदम साबित हो सकता है।

सैनिटरी नैपकिन उद्योग

सैनिटरी नैपकिन (Sanitary Napkin) के व्यवसाय की मांग अनवरत रूप से बढ़ रही है। इस व्यवसाय में निवेश (Investment) करने से न केवल स्थायी लाभ (Sustainable Profit) की संभावना है, बल्कि यह समाज के लिए भी एक उपयोगी सेवा है। सरकार इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए न्यूनतम निवेश के साथ पूर्ण सहायता प्रदान कर रही है।

मुद्रा लोन स्कीम

मुद्रा लोन स्कीम (Mudra Loan Scheme) के अंतर्गत, सरकार उचित दरों पर लोन (Loan) प्रदान कर रही है, जिससे उद्यमियों को अपने व्यवसाय को खड़ा करने में मदद मिल रही है। इस योजना के माध्यम से, व्यवसायियों को आर्थिक सहायता (Financial Support) मिल रही है, जिससे वे अपने सपनों को साकार कर सकते हैं।

सैनिटरी नैपकिन बिजनेस प्रोजेक्ट

सैनिटरी नैपकिन उद्योग के लिए सरकार द्वारा प्रस्तावित प्रोजेक्ट (Project) में उत्पादन उपकरणों (Production Equipment) पर मात्र 70 हजार रुपये का निवेश आवश्यक है। इसमें रॉ मटेरियल (Raw Material) की खरीद पर 36 हजार रुपये का अतिरिक्त खर्च आएगा। इस प्रकार, कम निवेश में व्यवसाय को शुरू किया जा सकता है।

सालाना आय में वृद्धि की संभावना

यदि उद्यमी साल भर में 300 दिन काम करते हैं, तो लगभग 54 हजार सैनिटरी पैड्स (Sanitary Pads) तैयार हो सकते हैं। इसके बिक्री से लगभग 7 लाख रुपये की आय (Income) हो सकती है, जिससे शुद्ध लाभ (Net Profit) के रूप में लगभग 1 लाख रुपये की कमाई संभव है।