home page

इस चीज की खेती करके किसान भाई हो सकते है मालामाल, कम लागत में लखपति बना देगी ये फसल

कम समय में अधिक आय के लिए खरबूजे (Muskmelon) की खेती बेहद फायदेमंद है। इसकी मिठास (Sweetness) और बाजार में मांग के कारण यह एक लाभदायक फसल बन जाती है।
 | 
kharbuja ki kheti

कम समय में अधिक आय के लिए खरबूजे (Muskmelon) की खेती बेहद फायदेमंद है। इसकी मिठास (Sweetness) और बाजार में मांग के कारण यह एक लाभदायक फसल बन जाती है। खरबूजे की खेती मुख्यतः भारत के उत्तर प्रदेश, पंजाब, राजस्थान, हरियाणा, महाराष्ट्र, बिहार और मध्य प्रदेश में होती है।

राजस्थान में खरबूज की खेती

राजस्थान में खरबूज की खेती बड़े पैमाने पर की जाती है। यहाँ की नदियों के किनारे यह खेती अधिक होती है। खरबूजा गर्मियों में विशेष रूप से पसंद किया जाता है और इसके बीजों (Seeds) का इस्तेमाल मिठाइयों को सजाने में किया जाता है।

पेटा काश्त तकनीक से खरबूजे की खेती

पेटा काश्त तकनीक (Peta Cultivation Technique) में, संरक्षित जल और उच्च मृदा उर्वरता के कारण उर्वरकों का इस्तेमाल नहीं होता। इससे खरबूजे का स्वाभाविक स्वाद और खुशबू बरकरार रहती है।

खरबूजा बाड़ी लगाने का तरीका

बांधों में पानी सूख जाने पर, किसान जनवरी के अंत में बुवाई शुरू करते हैं। गड्ढे बनाकर बीज बोने की प्रक्रिया (Seeding Process) अपनाई जाती है।

खरबूजा की विशेष किस्म और बीज की बुवाई 

'कजरी' किस्म (Kajri Variety) के खरबूजे का बीज सबसे अधिक बोया जाता है। इसके बीजों की बुवाई से पहले पानी से धोया जाता है और उन्हें अंकुरित (Germination) करने की प्रक्रिया की जाती है।

तीन महीने में खरबूजे की कमाई

फसल में दो महीने के बाद फूल आने लगते हैं, और ढाई से तीन महीने बाद फसल मंडी में बेचने लायक हो जाती है। किसान इस खेती से लगभग 2 लाख रुपये से अधिक का मुनाफा (Profit) कमा सकते हैं।