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Delhi To Amritsar Train: दिल्ली से अमृतसर के रूट पर दौड़ेगी हाई स्पीड ट्रेन, कई घंटो का सफर होगा 120 मिनट में पूरा

हरियाणा के पानीपत जिले (Panipat District) में हाई स्पीड रेल कॉरिडोर (High Speed Rail Corridor) की योजना को लेकर उपायुक्त डॉ. वीरेंद्र कुमार दहिया ने नेशनल हाई स्पीड रेल कॉर्पोरेशन के अधिकारियों के साथ बैठक की।
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हरियाणा के पानीपत जिले (Panipat District) में हाई स्पीड रेल कॉरिडोर (High Speed Rail Corridor) की योजना को लेकर उपायुक्त डॉ. वीरेंद्र कुमार दहिया (DC Dr. Virendra Kumar Dahiya) ने नेशनल हाई स्पीड रेल कॉर्पोरेशन (National High Speed Rail Corporation) के अधिकारियों के साथ बैठक की।

इस बैठक में ग्राम पंचायतों (Gram Panchayats) के सरपंचों के साथ कॉरिडोर के सभी पहलुओं पर गहन चर्चा की गई। हाई स्पीड रेल कॉरिडोर की योजना पानीपत जिले के विकास के लिए एक महत्वपूर्ण कदम (Important Step) है। इस परियोजना से न केवल यात्रा का समय कम होगा।

बल्कि यह क्षेत्रीय विकास को भी एक नई गति (New Momentum) प्रदान करेगी। इस पायलट प्रोजेक्ट के सफल होने पर न केवल पानीपत बल्कि पूरे क्षेत्र के लोगों को इसका लाभ मिलेगा। यह परियोजना पानीपत को एक नई रफ्तार (New Speed) और दिशा प्रदान करने का वादा करती है।

प्रस्तावित गति और परियोजना का विस्तार (Proposed Speed and Project Extension)

दिल्ली से अमृतसर (Delhi to Amritsar) के बीच प्रस्तावित हाई स्पीड रेल कॉरिडोर 474.772 किमी (Kilometers) लंबा होगा, जिसमें पानीपत में इसकी लंबाई 31.74 किमी होगी। इस परियोजना में 22 गांवों (Villages) को कवर किया जाएगा और इसकी प्रस्तावित गति (Proposed Speed) 320 किमी प्रति घंटे है। इससे दिल्ली-चंडीगढ़-अमृतसर कॉरिडोर एक प्राथमिक कॉरिडोर (Primary Corridor) बन जाएगा।

विकास की नई संभावनाएं (New Possibilities of Development)

उपायुक्त ने सरपंचों से अपील की कि देश के विकास (Development) में योगदान के लिए अपने हितों का त्याग करने में संकोच न करें। हाई स्पीड ट्रेन (High Speed Train) के परिचालन से न केवल लंबी दूरी की यात्राएँ आसान होंगी बल्कि क्षेत्रीय विकास (Regional Development) को भी बढ़ावा मिलेगा।

परियोजना का प्रभावित क्षेत्र (Project's Affected Area)

इस परियोजना में 22 गांवों को शामिल करते हुए कुल प्रभावित क्षेत्र 62.33 हेक्टेयर (Hectares) है, जिसमें तीन तहसीलें (Tehsils) शामिल हैं। इस कॉरिडोर के पूरा होने से दिल्ली, चंडीगढ़ (Chandigarh), और अमृतसर के बीच यात्रा का समय कम होकर मात्र दो घंटे (Two Hours) रह जाने की उम्मीद है।