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Dwarka Expressway: इस एक्सप्रेसवे पर दिल्ली-गुरुग्राम के सफर में होंगे इतने टोल बूथ, जाने कितना आएगा टोल टैक्स का खर्चा

भारतीय इंजीनियरिंग के क्षेत्र में एक नया चमत्कार द्वारका एक्सप्रेसवे के रूप में सामने आया है, जो दिल्ली के द्वारका को हरियाणा के गुड़गांव से जोड़ता है।
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भारतीय इंजीनियरिंग के क्षेत्र में एक नया चमत्कार द्वारका एक्सप्रेसवे के रूप में सामने आया है, जो दिल्ली के द्वारका को हरियाणा के गुड़गांव से जोड़ता है। यह 27 किलोमीटर लंबा एक्सप्रेसवे, नेशनल हाईवे 48 का हिस्सा होकर, आठ एलिवेटेड लेन और आठ लेन की सर्विस रोड से होती है। इसे देश का पहला अर्बन एक्सप्रेसवे माना जा रहा है और यह खेड़की दौला टोल प्लाजा से जुड़ा है।

टोल नीति और विशेषताएं

द्वारका एक्सप्रेसवे पर आमतौर पर 15 से 20 साल तक टोल वसूली जाती है, लेकिन इस खास मार्ग पर 25 साल तक टोल वसूलने की योजना है। विभिन्न वाहन श्रेणियों के लिए टोल दरें भी निर्धारित की गई हैं, जिसमें कारों, जीपों और वैन के लिए एक तरफ का शुल्क 105 रुपये और दोनों तरफ का 155 रुपये है, जबकि बसों और ट्रकों के लिए यह दर एक तरफ के लिए 355 रुपये और दोनों तरफ के लिए 535 रुपये है।

टोल प्लाजा और टेक्नोलॉजीकल अपग्रेड

द्वारका एक्सप्रेसवे पर बाजघेरा के पार दिल्ली की सीमा पर एक टोल प्लाजा बनाया गया है जिसे भारत में बनने वाला सबसे चौड़ा टोल प्लाजा बताया जा रहा है। यह एक्सप्रेसवे देश का पहला ऐसा हाईवे होने वाला है जो जीपीएस-आधारित टोल संग्रह प्रणाली को अपनाएगा जिससे यात्रियों के लिए यात्रा और भी सुविधाजनक हो जाएगी।

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मल्टी-यूटिलिटी और विश्वस्तरीय डिज़ाइन

द्वारका एक्सप्रेसवे की वास्तुकला इसे अन्य एक्सप्रेसवे से अलग बनाती है। गुरुग्राम के सेक्टर 82 के पास इस एक्सप्रेसवे की विशेषता यह है कि यह चार मंजिला सड़क बन जाती है, जिसमें सर्विस लेन के नीचे अंडरपास और फ्लाईओवर सहित एक्सप्रेस लेन शामिल है। यह मल्टी-यूटिलिटी कॉरिडोर के रूप में भी जाना जाता है, जो दिल्ली और गुरुग्राम के बीच की यात्रा को न केवल सुगम बनाता है बल्कि ट्रैफिक के बोझ को भी कम करता है।