home page

पढ़े लिखे लोग भी नही जानते शिवलिंग पर जल चढ़ाने का सही तरीका, इन बातों का रखे खास ध्यान

हिंदू धर्म में सोमवार का दिन भगवान शिव की आराधना के लिए विशेष माना जाता है। इस दिन को विशेष रूप से देवाधिदेव महादेव को समर्पित किया गया है। शिव भक्त इस दिन विशेष पूजा-अर्चना और व्रत करते हैं।
 | 
Shivling Jalabhishek Niyam
   

हिंदू धर्म में सोमवार का दिन भगवान शिव की आराधना के लिए विशेष माना जाता है। इस दिन को विशेष रूप से देवाधिदेव महादेव को समर्पित किया गया है। शिव भक्त इस दिन विशेष पूजा-अर्चना और व्रत करते हैं। मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से की गई पूजा से भक्तों को उनके सभी दुःखों से मुक्ति मिलती है।

उन्हें जीवन में सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। सोमवार का दिन हिंदू धर्म में भगवान शिव की आराधना के लिए बेहद खास होता है, और इस दिन की गई विशेष पूजा से भक्तों को अनेकों लाभ होते हैं।

ये भी पढ़िए :- PM Kisan Yojana की 17वीं किस्त को लेकर बड़ा अपडेट आया सामने, इस तारीख को आ सकती है अगली किस्त

जल अर्पित करने का सही तरीका

शिवलिंग पर जल चढ़ाने की प्रक्रिया में भक्तों को विशेष सावधानियां बरतनी चाहिए। शिव पुराण के अनुसार भगवान शिव को एक निश्चित विधि से जल अर्पित करना चाहिए। जिससे वह शीघ्र प्रसन्न होते हैं। आपको शिवलिंग पर धीरे-धीरे जल चढ़ाना चाहिए।

हमारा Whatsapp ग्रूप जॉइन करें Join Now

इस दौरान आपका मुख उत्तर दिशा की ओर होना चाहिए। उत्तर दिशा को जलहरी का स्थान माना जाता है और इस दिशा में जल चढ़ाने से व्यक्ति को रोग और दोषों से मुक्ति मिलती है।

Shivling Jalabhishek Niyam

प्रतिदिन जल अर्पण के लाभ

यदि आप प्रतिदिन भगवान शिव को जल अर्पित करते हैं, तो इससे भी भगवान भोलेनाथ खुश होते हैं। आपको नियमित रूप से निकटतम शिव मंदिर में जाकर जल चढ़ाना चाहिए।

इस कार्य को करने से आपको अधिकतर शुभ फल प्राप्त होंगे और आपके जीवन में समृद्धि आएगी। इसके अलावा अशोक सुंदरी वाले स्थान पर शुरू करके शिवलिंग के शीर्ष तक जल चढ़ाना आपके लिए लाभकारी होगा।

ये भी पढ़िए :- मैदान में मजे से घास खा रही भैंसे पर शेर ने बोल दिया धावा, उसके बाद शेर को उल्लू बनाकर भैंसा हो गया फरार

शिव भक्ति में संलग्नता के फायदे

जो भक्त शिवलिंग पर नियमित रूप से जल अर्पित करते हैं, उन्हें न केवल आध्यात्मिक शांति मिलती है। बल्कि उनके जीवन में आए संकट भी दूर होते हैं। इस प्रक्रिया को अपनाकर भक्त भगवान शिव की कृपा प्राप्त कर सकते हैं और अपने जीवन को अधिक समृद्ध और सुखी बना सकते हैं।