हरियाणा में बनेगी एशिया की सबसे बड़ी जंगल सफारी! तैयार हुआ पहला डिजाइन, जानें क्या-क्या होगा खास
Haryana Jungle Safari: हरियाणा में बनने जा रही एशिया की सबसे बड़ी जंगल सफारी की ओर एक और बड़ा कदम बढ़ा है। वन विभाग ने इस मेगा प्रोजेक्ट के पहले चरण का डिजाइन तैयार कर लिया है, जिसे शनिवार को केंद्रीय और प्रदेश मंत्रियों के सामने प्रस्तुत किया गया। यह परियोजना गुड़गांव और नूंह जिले की अरावली पर्वत श्रृंखला में लगभग 10,000 एकड़ क्षेत्र में विकसित की जाएगी।
शारजाह और गिर मॉडल से लिया गया है मार्गदर्शन
इस अंतरराष्ट्रीय स्तर की जंगल सफारी के निर्माण से पहले शारजाह सफारी (UAE), जामनगर के वंतारा और गुजरात के गिर अभयारण्य जैसे सफल मॉडल्स का गहन अध्ययन किया गया है। इसका उद्देश्य है कि पर्यावरणीय और जैविक संतुलन बनाए रखते हुए पर्यटन और वन्य जीवन को आधुनिक रूप में प्रस्तुत किया जाए।
2500 एकड़ में शुरू होगा पहला चरण
परियोजना के पहले चरण में 2,500 एकड़ क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर की पर्यटन सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इसमें पर्यावरण के अनुकूल निर्माण, वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास और आगंतुकों के लिए हाई-टेक सफारी इंफ्रास्ट्रक्चर शामिल होगा।
चार गेट से होगा जंगल सफारी में प्रवेश
हरियाणा के वन मंत्री राव नरबीर सिंह ने जानकारी दी कि जंगल सफारी में चार अलग-अलग एंट्री प्वाइंट बनाए जाएंगे, जो इन स्थानों पर होंगे:
- सोहना के पास
- तावडू-सोहना मार्ग पर
- नौरंगपुर गांव में
- सकटपुर गांव में
इस तरह से यह सफारी पूरे क्षेत्र को जोड़ते हुए पर्यटकों के लिए सुगम पहुंच सुनिश्चित करेगी।
केंद्रीय मंत्रियों ने किया स्थल का निरीक्षण
शनिवार को केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य तथा ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल और केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने प्रस्तावित स्थान सकटपुर गांव के पास जाकर मौके का निरीक्षण और डिजाइन समीक्षा की। दोनों मंत्रियों ने इस प्रोजेक्ट को पर्यटन, जैव विविधता और स्थानीय विकास के लिहाज से अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि केंद्र सरकार परियोजना को हर संभव समर्थन देगी।
स्थानीय प्रजातियों के पौधों से सजेगा पूरा क्षेत्र
मंत्री भूपेंद्र यादव ने यह स्पष्ट किया कि सफारी क्षेत्र में स्थानीय वनस्पतियों और प्रजातियों को प्राथमिकता दी जाएगी। इससे एक ऐसा इकोसिस्टम विकसित होगा जो स्थानीय जलवायु और जीवों के अनुकूल होगा। इससे प्राकृतिक जैव विविधता का संरक्षण और संवर्धन संभव हो सकेगा।
अरावली की विरासत को मिलेगा संरक्षण
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने कहा कि यह जंगल सफारी परियोजना अरावली पर्वत श्रृंखला की प्राकृतिक सुंदरता, ऐतिहासिक विरासत और जैव विविधता को संरक्षित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इसके साथ ही यह क्षेत्र देश और विदेश के पर्यटकों को आकर्षित करने वाला वाइल्डलाइफ डेस्टिनेशन बनेगा।
पर्यटन को मिलेगा नया आयाम
यह परियोजना हरियाणा के लिए पर्यटन, रोजगार और इकोनॉमिक डेवलपमेंट के नए रास्ते खोल सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस सफारी के खुलने के बाद गुड़गांव और नूंह क्षेत्र न केवल वाइल्डलाइफ के नक्शे पर बल्कि अंतरराष्ट्रीय टूरिज्म के नक्शे पर भी अपनी जगह बना सकेंगे।
परियोजना स्थल पर जुटे वरिष्ठ अधिकारी
इस अवसर पर कई वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे, जिनमें शामिल थे:
- वन मंत्री राव नरबीर सिंह
- अतिरिक्त मुख्य सचिव आनंद मोहन शरण
- पीसीसीएफ विनीत गर्ग
- विवेक सक्सेना और अतुल जे सिसकर
- वन निगम के एमडी केसी मीणा
- गुड़गांव के डीसी अजय कुमार और पुलिस आयुक्त विकास अरोड़ा
- नगर निगम गुड़गांव और मानेसर के आयुक्त
इन अधिकारियों ने डिजाइन और योजनाओं की बारीकियों की समीक्षा की और आगे की कार्यवाही के लिए दिशा-निर्देश तय किए।
