home page

हरियाणा में अधिकारियों ने मृतक व्यक्तियों को बांटी दी 162 करोड़ की पेन्शन, जब सच्चाई सामने आई तो विभाग के उड़े होश

हरियाणा में पेंशन घोटाले का भंडाफोड़ होने के बाद, सरकारी मशीनरी में हलचल मच गई है। इस घोटाले ने न सिर्फ सिस्टम की कमजोरियों को उजागर किया है बल्कि यह भी दिखाया है कि कैसे विभिन्न विभागों के अधिकारियों और...
 | 
budhapa pension scheme
   

हरियाणा में पेंशन घोटाले का भंडाफोड़ होने के बाद, सरकारी मशीनरी में हलचल मच गई है। इस घोटाले ने न सिर्फ सिस्टम की कमजोरियों को उजागर किया है बल्कि यह भी दिखाया है कि कैसे विभिन्न विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों ने अपने लालच में आकर सामाजिक कल्याण की धारा को मोड़ दिया।

इस घोटाले ने एक बार फिर से यह साबित कर दिया है कि सिस्टम में सुधार की जरूरत है। इस मामले की जांच से न सिर्फ दोषियों को सजा मिलेगी, बल्कि यह भविष्य में इस प्रकार के घोटालों को रोकने के लिए एक मजबूत संदेश भी देगा। अब देखना यह है कि सरकार इस दिशा में कितनी तेजी से और कितने प्रभावी कदम उठाती है।

घोटाले की पूरी जांच के आदेश

हरियाणा सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री, बिशंबर वाल्मीकि के नेतृत्व में एक बैठक के बाद इस घोटाले की पूरी जांच के आदेश दिए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो भी इस घोटाले में शामिल पाया जाएगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा।

बता दें की 162 करोड़ रुपये के इस घोटाले में जो कि वर्ष 2011-12 में सामने आया था, बुजुर्गों को दी जाने वाली पेंशन के नाम पर बड़े पैमाने पर अनियमितताएं पाई गईं।

सिस्टम में गहरी खामियां

जांच में यह पाया गया कि 1994 से लेकर 2012 के बीच ऐसे 50 हजार 312 व्यक्तियों को पेंशन दी गई, जो या तो मर चुके थे या फिर उनका अस्तित्व ही नहीं था। इसके अलावा 13 हजार 477 पेंशनधारियों को अपात्र पाया गया, जबकि 17 हजार 94 ऐसे लोगों को पेंशन जारी की गई, जिनका कोई अस्तित्व ही नहीं था।

हालांकि बाद में 13 हजार 477 अपात्र व्यक्तियों में से 2,189 व्यक्तियों को पात्र माना गया। यह साबित करता है कि सिस्टम में गहरी खामियां हैं और अब इसे दुरुस्त करने की जरूरत है।

अधिकारियों के खिलाफ की जाएगी कार्रवाई

सरकार ने इस मामले में कठोर कदम उठाने का संकेत दिया है। समाज कल्याण, विकास एवं पंचायत, स्थानीय निकाय, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, महिला एवं बाल विकास और राजस्व विभाग के अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।