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हरियाणा में खट्टर सरकार ने पटवारियों की मांगो को दी मंजूरी, अब पटवारियों को मिलेंगे ये खास फायदे

हरियाणा में पटवारियों और कानूनगो की हड़ताल का समापन न केवल उनके लिए बल्कि राज्य के लिए भी एक बड़ी राहत लेकर आया है। इससे रुके हुए कामों की पुनः शुरुआत हो सकेगी और राज्य में राजस्व की हानि को भी...
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हरियाणा में पटवारियों (Patwari) और कानूनगो (Kanungo) की हड़ताल ने राज्य के अंबाला (Ambala), कुरुक्षेत्र (Kurukshetra), कैथल (Kaithal), जिंद (Jind), हिसार (Hisar), फतेहाबाद (Fatehabad) और सिरसा (Sirsa) जिलों में वित्तीय और प्रशासनिक गतिविधियों पर भारी प्रभाव डाला। हड़ताल ने राजस्व (Revenue) के नुकसान को बढ़ावा दिया, जो अब तक 400 करोड़ रुपए का अनुमानित है।

हरियाणा में पटवारियों और कानूनगो की हड़ताल का समापन न केवल उनके लिए बल्कि राज्य के लिए भी एक बड़ी राहत लेकर आया है। इससे रुके हुए कामों की पुनः शुरुआत हो सकेगी और राज्य में राजस्व की हानि को भी रोका जा सकेगा। इस घटनाक्रम ने यह भी दिखाया कि संवाद (Dialogue) और सहमति से हर समस्या का समाधान संभव है।

सरकार और पटवारियों के बीच वार्ता

सरकार ने इस स्थिति को संभालने के लिए पटवारियों की मांगों को मान लिया है। दो दौर की वार्ता (Negotiations) के बाद, सीएम मनोहर लाल (CM Manohar Lal) की मंजूरी के साथ, एक लेटर जारी किया गया है जिसमें पटवारियों की मांगों को पूरा करने की बात कही गई है।

मांगों पर सहमति और वेतन संशोधन

पटवारियों की प्रमुख मांगें ग्रेड-पे विसंगति (Grade-Pay Discrepancy) और एश्योर्ड करियर प्रमोशन (ACP) से संबंधित थीं। सरकार ने इन मांगों को मानते हुए 2019 बैच के पटवारियों को दो वेतन वृद्धि (Salary Increase) और वरिष्ठ बैच के पटवारियों को तीन वेतन वृद्धि की अनुमति दी है।

हड़ताल के प्रभाव और सरकारी कार्यों पर असर

हड़ताल के कारण फरद देने और रजिस्ट्री (Registry) से संबंधित करीब 75 काम अधर में लटके हुए थे। इस घोषणा के बाद, हरियाणा सरकार ने पटवारियों के वेतन संशोधन को लेकर एक नोटिफिकेशन (Notification) जारी किया है।

वार्ता और निर्णय की प्रक्रिया

सरकार और पटवारियों के बीच हुई वार्ता के दौरान विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई। पहली बैठक में कोई ठोस निर्णय नहीं हो पाया, लेकिन दूसरी बैठक में, जो वर्चुअल (Virtual Meeting) रूप से हुई, मांगों को लेकर सहमति बनी।