हरियाणा के किसानों के लिए चेतावनी जारी, मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल पर पंजीकरण का आखिरी मौका
Haryana Crop Registration: हरियाणा सरकार मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल पर खरीफ फसलों का पंजीकरण कर रही है जिसकी अंतिम तिथि 31 अगस्त है। विभिन्न योजनाओं के लाभ के लिए पंजीकरण अनिवार्य है और पंजीकृत किसानों से ही फसल खरीदी जाएगी। किसान पोर्टल पर अपनी फसल का ब्योरा दर्ज कराएं जिसका भौतिक सत्यापन किया जाएगा। मंडी में बुलाने की सूचना किसानों को मैसेज द्वारा दी जाएगी। पंजीकरण के लिए परिवार पहचान पत्र अनिवार्य है।
31 अगस्त है पंजीकरण की अंतिम तारीख
हरियाणा सरकार द्वारा संचालित 'मेरी फसल-मेरा ब्योरा' पोर्टल पर खरीफ फसलों के लिए पंजीकरण की अंतिम तिथि 31 अगस्त 2025 तय की गई है। इस पोर्टल पर समय रहते पंजीकरण न करवाने वाले किसानों को सरकारी योजनाओं और समर्थन मूल्य पर फसल बेचने का अवसर नहीं मिलेगा।
पंजीकरण के बिना नहीं होगी फसल की सरकारी खरीद
राज्य सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि केवल उन्हीं किसानों से फसल की खरीद की जाएगी जिनका पोर्टल पर समय रहते पंजीकरण हुआ है। इसका सीधा मतलब है कि पंजीकरण न करवाने पर किसान अपनी उपज को सरकारी मंडी में नहीं बेच पाएंगे। इसलिए हर किसान को अपने नाम से खरीफ फसलों का विवरण अनिवार्य रूप से दर्ज कराना होगा।
पंजीकरण के लिए जरूरी दस्तावेज
कृषि विभाग के उप निदेशक जितेंद्र कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि पंजीकरण के लिए 'परिवार पहचान पत्र' (PPP ID) अनिवार्य है। इसके बिना किसान न तो पोर्टल पर लॉगिन कर पाएंगे और न ही फसल का ब्यौरा दर्ज कर सकेंगे।
कहां और कैसे करें पंजीकरण?
पंजीकरण की प्रक्रिया ऑनलाइन है, जिसे किसान https://fasal.haryana.gov.in पोर्टल पर जाकर खुद या CSC सेंटर की मदद से पूरा कर सकते हैं। फॉर्म भरने के बाद किसान को अपनी फसल का पूरा विवरण दर्ज करना होगा, जिसमें फसल का नाम, बोई गई भूमि का क्षेत्रफल, फसल की अनुमानित पैदावार आदि शामिल होंगे।
फसल का होगा भौतिक सत्यापन
पंजीकरण के बाद कृषि विभाग द्वारा किसानों की फसलों का भौतिक सत्यापन किया जाएगा। यानी अधिकारी खेतों में जाकर देखेंगे कि किस किसान ने कौन-सी फसल कितने क्षेत्र में बोई है। यह प्रक्रिया पारदर्शिता बनाए रखने के साथ-साथ मंडी प्रक्रिया को सुगम बनाने में मददगार होगी।
मंडी में बुलाने की सूचना SMS से मिलेगी
किसानों को मंडी में अपनी उपज बेचने के लिए बुलावा SMS के माध्यम से मिलेगा। यह तभी संभव होगा जब किसान ने पोर्टल पर सही-सही जानकारी दर्ज की हो और उनका भौतिक सत्यापन भी सफलतापूर्वक हो चुका हो।
योजनाओं का लाभ भी पंजीकरण पर निर्भर
कृषि बीमा योजना, अनुदान, प्राकृतिक आपदा राहत जैसी सभी योजनाओं का लाभ उन्हीं किसानों को मिलेगा जिन्होंने पोर्टल पर समय रहते पंजीकरण करवाया होगा। पंजीकरण न होने की स्थिति में किसान इन योजनाओं से वंचित रह सकते हैं, जिससे आर्थिक नुकसान भी संभव है।
किसी समस्या के लिए टोल फ्री हेल्पलाइन
अगर किसान को पंजीकरण प्रक्रिया में किसी तरह की तकनीकी या जानकारी संबंधी समस्या आती है, तो वे राज्य सरकार के टोल फ्री नंबर 1800-180-2117 पर संपर्क कर सकते हैं। यह नंबर सप्ताह के सभी कार्यदिवसों पर सक्रिय रहता है और किसानों को पूरी सहायता प्रदान करता है।
पंचायत, CSC केंद्रों और कृषि विभाग की टीम भी दे रही मदद
राज्य सरकार ने पंचायत स्तर पर और CSC केंद्रों पर भी पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध कराई है। इसके अलावा कृषि विभाग के स्थानीय अधिकारी और कर्मचारी किसानों को मार्गदर्शन दे रहे हैं ताकि हर किसान पंजीकरण से वंचित न रहे।
क्यों जरूरी है यह पोर्टल?
‘मेरी फसल-मेरा ब्योरा’ पोर्टल का उद्देश्य किसानों को पारदर्शी और केंद्रीकृत प्रणाली से जोड़ना है, ताकि:
- सरकारी खरीद में धोखाधड़ी रोकी जा सके
- किसान को सीधा लाभ पहुंचाया जा सके
- मंडी बुलावा और भुगतान प्रक्रिया तेज की जा सके
- योजनाओं का लाभ सीधे योग्य किसानों तक पहुंचे
