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स्विच बोर्ड में लगी लाल बत्ती कितनी बिजली खाती है, जाने दिनरात जलने पर बत्ती कितने यूनिट बिजली खायेगी

आधुनिक घरों में बिजली की आवश्यकता और इसके विस्तार में स्विच बोर्ड का एक अहम स्थान होता है। किचन, बाथरूम, बेडरूम से लेकर हर कमरे में इंस्टॉलेशन दिखाई देता है जो सजावट से लेकर सुरक्षा तक हर जरूरत को पूरा करता है।
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आधुनिक घरों में बिजली की आवश्यकता और इसके विस्तार में स्विच बोर्ड का एक अहम स्थान होता है। किचन, बाथरूम, बेडरूम से लेकर हर कमरे में इंस्टॉलेशन दिखाई देता है जो सजावट से लेकर सुरक्षा तक हर जरूरत को पूरा करता है। ये स्विच बोर्ड्स न सिर्फ बिजली के उपकरणों को चालू और बंद करने का काम करते हैं बल्कि इंडिकेटर लाइट के जरिए यह भी दर्शाते हैं कि बिजली स्टार्ट है या नहीं।

छोटे इंडिकेटर की बड़ी भूमिका

हर इंडिकेटर, जो लगातार 24 घंटे काम करता है, अपने साथ बिजली खपत की एक छोटी मात्रा लेकर आता है। भले ही प्रति घंटा खपत मात्र 0.3 से 0.5 वाट हो, जब इसे 24 घंटे और पूरे महीने के हिसाब से जोड़ा जाए तो यह खर्च न केवल पर्याप्त होता है बल्कि आपके मासिक बिजली बिल पर भी असर डालता है। यह छोटी सी लाइट आपको बिजली की मौजूदगी की सूचना देने के साथ-साथ अनावश्यक बिजली खर्च का कारण भी बन सकती है।

बिजली खपत

एक घर में अगर औसतन 10 स्विच बोर्ड्स पर इंडिकेटर लगे हों और हर इकाई 0.5 वाट प्रति घंटे की दर से बिजली खर्च करे तो प्रतिदिन लगभग 120 वाट और मासिक तौर पर लगभग 3.6 किलोवाट घंटे की खपत होती है। यह आंकड़ा छोटा लग सकता है लेकिन सालाना आधार पर इसकी कीमत आपके बिजली बिल में स्पष्ट रूप से जुड़ जाती है।

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सुरक्षा और बचत

बिजली की अविरलता और सुरक्षा के लिहाज से इंडिकेटर बहुत महत्वपूर्ण हैं। ये न सिर्फ बिजली के आने-जाने की सूचना देते हैं, बल्कि बिजली की बढ़ोतरी या गिरावट पर भी नज़र रखते हैं जिससे घर में मौजूद अन्य उपकरण सुरक्षित रह सकते हैं। इसके बावजूद इन इंडिकेटर्स के कारण होने वाले अतिरिक्त बिजली खर्च को कम करने के लिए ऊर्जा-कुशल विकल्पों का चयन करना चाहिए।