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Indian Railway: हरियाणा में अब इस रूट पर 130 की तेज स्पीड से दौड़ेगी ट्रेनें, इन जिलों को होगा सीधा फायदा

हरियाणा के रेलयात्रियों के लिए खुशखबरी लाते हुए, भारतीय रेलवे (Indian Railways) ने कुरुक्षेत्र (Kurukshetra) से नरवाना (Narwana) तक के रेलमार्ग पर ट्रेनों की गति बढ़ाने का महत्वपूर्ण कार्य सम्पन्न किया है।
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हरियाणा (Haryana) के रेलयात्रियों (Rail Passengers) के लिए खुशखबरी लाते हुए, भारतीय रेलवे (Indian Railways) ने कुरुक्षेत्र (Kurukshetra) से नरवाना (Narwana) तक के रेलमार्ग पर ट्रेनों की गति बढ़ाने का महत्वपूर्ण कार्य सम्पन्न किया है।

इस उपलब्धि से न केवल यात्रा समय में कमी आएगी बल्कि यात्री सुविधाओं में भी वृद्धि होगी। इस परियोजना के पूर्ण होने से हरियाणा में रेल यात्रियों के लिए यात्रा का समय कम हो जाएगा, और वे अधिक सुविधाजनक और तीव्र गति से यात्रा कर पाएंगे।

भारतीय रेलवे द्वारा किए गए इस सुधार से न केवल यात्रा की गुणवत्ता में सुधार होगा बल्कि यह क्षेत्रीय विकास (Regional Development) में भी योगदान देगा। यात्रियों और स्थानीय निवासियों (Local Residents) के लिए यह एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, जिससे उनके जीवन में सुविधा और गति दोनों को बढ़ावा मिलेगा।

नवीनीकरण और गति परीक्षण

इस परियोजना के तहत, लगभग 60 किलोमीटर (Kilometers) लंबे रेलमार्ग पर ट्रैक (Track) का नवीनीकरण किया गया, जिससे पहले जहां ट्रेनें केवल 65 किलोमीटर प्रति घंटे (Km/h) की गति से चलती थीं, वहीं अब 130 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से चलने में सक्षम होंगी। दिल्ली मंडल (Delhi Division) के अधिकारियों ने सोमवार को इस नवीनीकृत ट्रैक पर ट्रेन की गति का सफल परीक्षण भी किया।

कैथल स्टेशन का ऐतिहासिक महत्व

कैथल (Kaithal) रेलवे स्टेशन, जो कि इस रेलमार्ग पर स्थित है, का निर्माण 1870 में अंग्रेजी शासन (British Rule) के दौरान हुआ था। 153 सालों के लंबे अंतराल के बाद इस रेलमार्ग पर यह महत्वपूर्ण कार्य किया गया है, जिससे रेल सेवाओं में गुणवत्ता और गति को बढ़ावा मिलेगा।

रेल सेवाओं में सुधार

वर्तमान में, इस रेलमार्ग पर 5 ट्रेनें (Trains) संचालित की जा रही हैं। रेलवे के सीनियर सेक्शन इंजीनियर (Senior Section Engineer), जेके अरोड़ा ने बताया कि चार साल पहले शुरू हुए इस ट्रैक के नवीनीकरण कार्य को कुछ महीने पहले ही समाप्त किया गया था। सोमवार को ट्रैक की गति जांच के सफल निरीक्षण के साथ, अब इस रेलमार्ग पर ट्रेनों की गति में वृद्धि होगी, जिससे यात्री कम समय में अपने गंतव्य तक पहुंच सकेंगे।