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Liquor Quality: क्या आर्मी कैंटीन की शराब की क्वालिटी में फर्क होता है इसीलिए मिलती है सस्ती? जाने क्या है इसके पीछे की असल सच्चाई

शराब की कीमत (Liquor Price) और गुणवत्ता (Quality) पर चर्चा अक्सर विभिन्न मंचों पर होती रहती है। खासतौर पर, आर्मी कैंटीन (Army Canteen) से खरीदी गई शराब और आम दुकानों (General Stores) से खरीदी गई...
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शराब की कीमत (Liquor Price) और गुणवत्ता (Quality) पर चर्चा अक्सर विभिन्न मंचों पर होती रहती है। खासतौर पर, आर्मी कैंटीन (Army Canteen) से खरीदी गई शराब और आम दुकानों (General Stores) से खरीदी गई शराब की कीमतों में अंतर हमेशा एक चर्चा का विषय रहा है।

आमतौर पर लोगों का मानना है कि आर्मी कैंटीन से मिलने वाली शराब की गुणवत्ता (Quality) आम दुकानों से बेहतर होती है। इस धारणा के पीछे कई कारण बताए जाते हैं, लेकिन वास्तविकता कुछ और ही है। दोनों जगहों पर बिकने वाली शराब मूलतः एक ही प्रकार की होती है, लेकिन कीमतों में अंतर (Price Difference) के मुख्य कारणों की जानकारी अधिकतर लोगों को नहीं होती।

आर्मी कैंटीन में शराब सस्ती क्यों?

आर्मी कैंटीन में शराब सस्ती (Cheaper Liquor) मिलने के पीछे मुख्य कारण हैं टैक्स में छूट (Tax Exemption)। केंद्र सरकार (Central Government) के अंतर्गत आने वाले आर्मी अधिकारियों को विभिन्न प्रकार के टैक्स भरने पड़ते हैं, लेकिन आर्मी कैंटीन से खरीदारी पर उन्हें कई प्रकार की टैक्स छूट मिलती है। इससे शराब की कीमत में काफी कमी आ जाती है।

राज्यवार वेट और छूट

विभिन्न राज्यों (States) में वेट (VAT) की दरें भिन्न होती हैं। जैसे, तमिलनाडु (Tamil Nadu) और गुजरात (Gujarat) में 0% वेट है, जबकि पंजाब (Punjab) और हरियाणा (Haryana) में 4% वेट लिया जाता है।

इसके अलावा, कुछ स्थानों पर आर्मी कैंटीन से शराब पर 50% तक की छूट भी मिलती है, जिससे आम दुकानों की तुलना में कैंटीन से शराब खरीदना काफी सस्ता पड़ता है।

गुणवत्ता में नहीं, टैक्स में है अंतर

इस तरह, आम दुकानों और आर्मी कैंटीन में शराब की कीमतों में अंतर का मुख्य कारण टैक्स में दी जाने वाली छूट है, न कि गुणवत्ता में। शराब की गुणवत्ता (Quality) सभी जगह समान होती है।

लेकिन टैक्स छूट (Tax Benefits) और विभिन्न राज्यों में वेट की दरों में अंतर के कारण कीमतों में भिन्नता आती है। इस जानकारी से उम्मीद है कि पाठकों को शराब की कीमतों में अंतर के पीछे के कारणों की बेहतर समझ होगी।