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Mughal Harem: जिस मुगल ने बनवाया था ताजमहल उसी को गिफ्ट में दिया था बेटे का कटा सिर, जाने क्या था पूरा मामला

मुगलों ने भारत पर लगभग 300 साल तक शासन किया। अकबर और औरंगजेब जैसे मुगल बादशाह लंबे समय तक राजगद्दी पर बैठे। लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि मुगलों को अपने पिता से राजगद्दी आसानी से नहीं मिलती थी।
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मुगलों ने भारत पर लगभग 300 साल तक शासन किया। अकबर और औरंगजेब जैसे मुगल बादशाह लंबे समय तक राजगद्दी पर बैठे। लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि मुगलों को अपने पिता से राजगद्दी आसानी से नहीं मिलती थी।

भाइयों का ही आपस में खूनी संघर्ष हो जाता था। शाहजहां के सिंहासन से हटने से पहले उसके बेटों में कल्तोगारत हुई थी। शाहजहां सबसे ज्यादा अपने बड़े बेटे दारा शिकोह को प्यार करता था।

लेकिन उसके साथ किस्मत ने ऐसी ज्यादती की थी कि दारा शिकोह का कटा सिर भेंट में मिला था और उसको ये उपहार किसी और ने नहीं बल्कि उसके छोटे बेटे ने ही दिया था। आइए मुगल इतिहास की इस दर्दनाक कहानी के बारे में जानते हैं।

किसने की दारा शिकोह की हत्या

बता दें कि दारा शिकोह एक बड़े विचारक थे। उनमें कट्टरता नहीं थी। लेकिन शाहजहां के एक अन्य बेटे औरंगजेब ने साजिश रचकर लोगों को और दारा शिकोह के सहयोगियों को भड़काया। फिर आखिर में उसका गला काट दिया।

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दारा शिकोह का पढ़ने-लिखने, अलग-अलग धर्मों के धर्मगुरुओं से मिलकर उनसे चर्चा करना दारा शिकोह को खूब पसंद करते थे। दारा शिकोह युद्धकला में अच्छी तरह से माहिर नहीं था। औरंगजेब इसका लाभ उठाया।

दारा शिकोह के खिलाफ साजिश

गौरतलब है कि दारा शिकोह युद्ध से जितना दूर था वहीं, औरंगजेब जंग-ए-मैदान में हिस्सा लेने के लिए हमेशा उत्सुक रहता था। औरंगजेब को पता चला कि शाहजहां राजगद्दी अपने सबसे प्यारे बेटे दारा शिकोह को देना चाहता है। औरंगजेब इससे क्रोधित हो गया और दारा शिकोह को मारने की योजना बनाई। दिल्ली को औरंगजेब ने घेर लिया।

दारा शिकोह को ऐसे किया कमजोर

इतना ही नहीं दारा शिकोह के जो साथी थे उनको भी इस्लाम के नाम पर औरंगजेब ने भड़का दिया। औरंगजेब ने दारा शिकोह के साथियों से कहा कि दारा शिकोह इस्लाम के हिसाब से नहीं चल रहा है। अगर वह हिंदुस्तान का बादशाह बन गया तो इस्लाम खतरे में आ गया है।

इसके बाद दारा शिकोह कमजोर पड़ गया। फिर औरंगजेब ने क्रूरता दिखाते हुए दारा शिकोह को लोहे की जंजीरों में बांधकर पुरानी दिल्ली के इलाके में घुमाया और बाद में उसका गला कटवा कर शाहजहां को भेंट कर दिया।