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गंगा एक्सप्रेसवे से जुड़ा नया अपडेट आया सामने, इन लोगो को मिलेगा सीधा फायदा

उत्तर प्रदेश सरकार के ड्रीम प्रोजेक्ट गंगा एक्सप्रेसवे को भारत के दूसरे सबसे लंबे एक्सप्रेसवे के रूप में जाना जाता है।
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उत्तर प्रदेश सरकार के ड्रीम प्रोजेक्ट गंगा एक्सप्रेसवे को भारत के दूसरे सबसे लंबे एक्सप्रेसवे के रूप में जाना जाता है। इस परियोजना की विशेषता इसकी लंबाई और इसके पूरा होने की तेजी है। यह एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश के पश्चिम से पूर्व को जोड़ेगा और संभवतः 2024 के अंत तक इस पर वाहन दौड़ने लगेंगे।

गंगा एक्सप्रेसवे का शिलान्यास और उसकी उपयोगिता

18 दिसंबर 2021 को इस ऐतिहासिक प्रोजेक्ट का शिलान्यास किया गया था। इस एक्सप्रेसवे का मुख्य उद्देश्य पश्चिमी उत्तर प्रदेश के नागरिकों को इलाहाबाद उच्च न्यायालय जैसे महत्वपूर्ण स्थलों तक आसान पहुँचा देता है। यह एक्सप्रेसवे न केवल समय बचाएगा बल्कि आवागमन को अधिक आसान और तेज भी बनाएगा।

मेरठ से प्रयागराज तक फैला विशाल नेटवर्क

इस एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई 594 किलोमीटर है जो मेरठ से शुरू होकर प्रयागराज तक जाती है। इसके निर्माण से संभल जिले सहित कई अन्य जिले प्रभावित होंगे जिसमें 31 गांव शामिल हैं। इसका निर्माण कार्य आईआरबी इंफ्रा के नेतृत्व में बहुत तेजी से चल रहा है और पिछले छह महीने में इसका 40 प्रतिशत से अधिक कार्य पूरा हो चुका है।

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अंडरपास और ओवर ब्रिज का निर्माण

गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना में 20 अंडरपास और कई ओवर ब्रिज का निर्माण शामिल है, जिससे स्थानीय नागरिकों को उनके खेतों और गांवों तक आसान पहुँच मिलेगी। इन निर्माण कार्यों की प्रगति भी बहुत तेजी से हो रही है और अधिकांश निर्माण 90 प्रतिशत तक पूर्ण हो चुके हैं।