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Post Office Scheme: पति-पत्नी ज्वाइंट अकाउंट खुलवाकर पोस्ट ऑफिस की इस स्कीम में कर सकते है इन्वेस्ट, मिलेगा अच्छा रिटर्न

आज के समय में जहां खर्चे (Expenses) लगातार बढ़ रहे हैं, वहां अपनी मेहनत की कमाई को सही जगह निवेश (Investment) करना बेहद जरूरी हो गया है। ऐसे में पोस्ट ऑफिस की लघु बचत योजना...
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आज के समय में जहां खर्चे (Expenses) लगातार बढ़ रहे हैं, वहां अपनी मेहनत की कमाई को सही जगह निवेश (Investment) करना बेहद जरूरी हो गया है। ऐसे में पोस्ट ऑफिस की लघु बचत योजना (Small Savings Scheme) न केवल आपको एक निश्चित मासिक आय (Monthly Income) प्रदान करती है।

बल्कि आपकी जमा पूंजी को सुरक्षित (Safe Investment) भी रखती है। पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम (Financial Security) न केवल आपको मासिक आय प्रदान करती है, बल्कि आपके निवेश को सुरक्षित भी रखती है। इसकी गारंटीड रिटर्न, नो रिस्क फैक्टर, और सरकारी समर्थन (Government Guarantee) के साथ, यह योजना वित्तीय स्थिरता (Financial Stability) और सुरक्षा की ओर एक कदम है।

इसलिए, अगर आप अपने भविष्य के लिए एक सुरक्षित और स्थिर निवेश विकल्प की तलाश में हैं, तो POMIS आपके लिए एक उत्तम विकल्प हो सकता है।

पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम (POMIS)

पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम (POMIS) एक ऐसी योजना है जो निवेशकों को हर महीने एक निश्चित राशि वापस करती है। इसकी सबसे बड़ी खासियत (Guaranteed Return) यह है कि इसमें सरकार द्वारा रिटर्न की गारंटी दी जाती है, जिससे निवेशकों को किसी प्रकार के जोखिम (No Risk) की चिंता नहीं होती।

ज्वाइंट अकाउंट और एकल खाता

इस स्कीम में विशेषता यह है कि निवेशक चाहें तो एकल या संयुक्त खाता (Joint Account) खुलवा सकते हैं। पति-पत्नी (Spouses) मिलकर ज्वाइंट अकाउंट खोल सकते हैं, जिससे उन्हें अधिकतम 15 लाख रुपये तक निवेश करने की सुविधा मिलती है। इससे उन्हें मासिक आधार पर एक स्थिर आय (Stable Income) प्राप्त होती है।

ब्याज दरें और निवेश की अधिकतम सीमा

वर्तमान में, POMIS पर ब्याज दर (Interest Rate) 7.4% प्रति वर्ष है, जो कि हर तिमाही में सरकार द्वारा संशोधित (Quarterly Review) की जाती है। यह निवेशकों को आकर्षक रिटर्न प्रदान करती है। एकल खाते में अधिकतम 9 लाख रुपये और संयुक्त खाते में 15 लाख रुपये तक का निवेश (Maximum Investment) किया जा सकता है।

निकासी नियम और ब्याज की गणना

अगर निवेशक 1 से 3 साल के भीतर पैसा निकालते हैं, तो उन्हें 2% ब्याज कटौती (Interest Penalty) के साथ उनका पैसा वापस मिल जाता है। 3 साल के बाद निकासी पर 1% की कटौती होती है। 5 लाख रुपये के निवेश पर, निवेशकों को हर महीने लगभग 3,084 रुपये का ब्याज (Monthly Interest) मिलता है, जो कि 5 साल के अंत में कुल 1,85,000 रुपये का ब्याज बनता है।