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किसान आंदोलन के चलते इन 15 जिलों में धारा 144 हुई लागू, केंद्रीय मंत्रियों के साथ किसान नेताओ की मीटिंग से किसान असहमत

किसानों ने हरियाणा के शंभू बॉर्डर, खनौरी बॉर्डर और डबवाली बॉर्डर को दिल्ली जाने का रास्ता चुना है। किसान ट्रैक्टर ट्रॉलियां पंजाब के फतेहगढ़ साहिब से हरियाणा में प्रवेश करेंगे। किसानों को रोकने के लिए बॉर्डर पर कंटीली...
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किसानों ने हरियाणा के शंभू बॉर्डर, खनौरी बॉर्डर और डबवाली बॉर्डर को दिल्ली जाने का रास्ता चुना है। किसान ट्रैक्टर ट्रॉलियां पंजाब के फतेहगढ़ साहिब से हरियाणा में प्रवेश करेंगे। किसानों को रोकने के लिए बॉर्डर पर कंटीली तारें और कीलें सीमेंट की बैरिकेडिंग के साथ बिछाई गई हैं।

किसानों को नदी में प्रवेश करने से बचाने के लिए शंभू बॉर्डर पर घग्गर नदी में खुदाई की गई है। केंद्र ने 64 BSF और CISF जवानों को हरियाणा भेजा है। बॉर्डर पर लगभग 70 हजार सैनिक तैनात हैं। स्थानीय पुलिस और ड्रोन से निगरानी की जा रही है।

7 जिलों में मोबाइल इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई

सरकार ने सात जिलों में मोबाइल इंटरनेट को बंद कर दिया है ताकि सोशल मीडिया पर अफवाह फैलने से बचें। इनमें सिरसा, अंबाला, कुरुक्षेत्र, हिसार, कैथल, जींद, फतेहाबाद और डबवाली शामिल हैं।

13 फरवरी की रात 11.59 बजे तक इन जिलों में डोंगल, बल्क SMS और इंटरनेट बंद रहेंगे। इसके अलावा अंबाला, कुरुक्षेत्र, करनाल, कैथल, फतेहाबाद, सोनीपत, झज्जर, पंचकूला, जींद, हिसार और चंडीगढ़ सहित 15 जिलों में धारा 144 लागू की गई है।

किसान सुबह 10 बजे दिल्ली कूच करेंगे किसान

किसान आज सुबह 10 बजे दिल्ली रवाना होंगे। आपको बता दें कि सोमवार रात चंडीगढ़ में किसान नेताओं और केंद्रीय मंत्रियों के बीच MSP गारंटी कानून और कर्ज माफी पर कोई समझौता नहीं हुआ। किसान मजदूर मोर्चा के संयोजक सरवण सिंह पंधेर ने इसके बाद घोषणा की कि दिल्ली कूच होगा।

पंजाब-हरियाणा के शंभू, खनौरी और डबवाली बॉर्डर पर किसानों से आह्वान किया गया है। उन्होंने कहा कि हर बात पर बहस हुई। किसानों की मांगों को सरकार नहीं मानती है। सरकार को घबराहट है, लेकिन किसान संघर्ष नहीं चाहते। वह बस समय बर्बाद करना चाहती है। हमें कुछ देना नहीं चाहती।

हमने उनसे MSP कानून पर सूचना देने को कहा। सरकारी प्रस्ताव पर विचार करेंगे, लेकिन आंदोलन पर जारी रहेंगे। केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने कहा कि सभी समस्याओं का समाधान बातचीत से होना चाहिए। कुछ मामले हैं, जिन्हें सुलझाने के लिए कमेटी बनानी चाहिए। हमें अभी भी उम्मीद है।