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UP के इस बड़े रेल्वे स्टेशन को जंक्शन बनाने की तैयारी में है सरकार, इन 2 जिलों से होकर गुजरेगी नई रेल्वे लाइन

उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के दो प्रमुख जिले, एटा (Etah) और कासगंज (Kasganj), जो अब तक रेल सुविधा (Rail Facility) से वंचित थे, अब एक नई रेल लाइन (Rail Line) के साथ जुड़ने जा रहे हैं।
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UP Railway Station

उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के दो प्रमुख जिले, एटा (Etah) और कासगंज (Kasganj), जो अब तक रेल सुविधा (Rail Facility) से वंचित थे, अब एक नई रेल लाइन (Rail Line) के साथ जुड़ने जा रहे हैं। इस पहल से न केवल दोनों जिलों के बीच की दूरी कम हो जाएगी, बल्कि आसपास के लोगों का लंबे समय से चला आ रहा रेल लाइन की मांग (Demand) भी पूरी होने वाली है। 

एटा और कासगंज के बीच रेल लाइन का विस्तार न केवल इन जिलों को आपस में जोड़ेगा बल्कि इससे आर्थिक और सामाजिक विकास (Economic and Social Development) की नई संभावनाएं भी खुलेंगी। यह विस्तार निश्चित रूप से क्षेत्र के लोगों के जीवन में एक सकारात्मक परिवर्तन लाएगा और भविष्य में इस क्षेत्र की प्रगति के लिए एक मजबूत आधार प्रदान करेगा।

विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम

एटा और कासगंज के बीच रेल विस्तार (Rail Expansion) की मंजूरी मिल चुकी है, जिससे दोनों जिलों के बीच की दूरी 12 किलोमीटर (Kilometers) कम हो जाएगी। अभी सड़क मार्ग (Road Route) से जाने में 41 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है। इस विस्तार से न केवल यात्रा की अवधि में कमी आएगी बल्कि यातायात (Transportation) के साधनों में वृद्धि होगी।

जल्द शुरू होगी रेल सेवा

पूर्वोत्तर रेल मंडल (North Eastern Railway Division) ने इस रेल लाइन के विस्तार की पुष्टि की है, और केंद्र सरकार (Central Government) ने बजट (Budget) में इसके लिए फंड भी जारी कर दिया है। 29 किलोमीटर लंबी इस रेल लाइन के लिए डीपीआर (DPR) तैयार हो चुकी है, और आने वाले दिनों में रेलवे ट्रैक बिछाने का काम शुरू होने की उम्मीद है।

क्षेत्रीय विकास में योगदान

एटा-कासगंज रेल लाइन के विस्तार से क्षेत्र में व्यापार (Trade) और विनिर्माण (Manufacturing) को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ रोजगार (Employment) के नए अवसर सृजित होंगे। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था (Local Economy) मजबूत होगी, और पर्यटन (Tourism) से जुड़ी गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।