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यूपी के इन 8 जिलों को मिलाकर बसाया जाएगा नया शहर, जमीनों के अधिग्रहण के काम ने पकड़ी रफ़्तार

योगी सरकार (Yogi Government) ने उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के गांवों और शहरों के विकास के लिए एक अनूठी योजना (Unique Plan) का ऐलान किया है। सरकार की योजना के अनुसार, आठ जिलों को मिलाकर एक...
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योगी सरकार (Yogi Government) ने उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के गांवों और शहरों के विकास के लिए एक अनूठी योजना (Unique Plan) का ऐलान किया है। सरकार की योजना के अनुसार, आठ जिलों को मिलाकर एक बड़ा शहर बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया जा रहा है।

जिसे राज्य राजधानी क्षेत्र (State Capital Region - SCR) कहा जाएगा। इस पहल से सभी को भरपूर फायदा (Benefit) होने की उम्मीद है। योगी सरकार की यह योजना उत्तर प्रदेश के विकास में एक मील का पत्थर (Milestone) साबित हो सकती है।

एससीआर के निर्माण से न केवल शहरी विकास को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि यह प्रदेश की आर्थिक और सामाजिक प्रगति (Economic and Social Progress) में भी एक बड़ी भूमिका निभाएगा।

एससीआर बनाने की आवश्यकता

इस नवीन योजना की आवश्यकता लखनऊ (Lucknow) और कानपुर (Kanpur) जैसे प्रमुख शहरों पर बढ़ते जनसंख्या के दबाव और उन पर निर्भरता के चलते महसूस की गई। इन दोनों शहरों को मिलाकर बनने वाला एससीआर न केवल इन शहरों के बीचों-बीच स्थित होगा, बल्कि आसपास के छोटे शहरों को भी विकास की नई राह पर ले जाएगा। इस पहल से इन शहरों के विकास में समग्रता और संतुलन आएगा।

शामिल होने वाले जिले

इस प्रस्तावित एससीआर में लखनऊ और कानपुर के अलावा अन्य छह जिले शामिल होंगे, जिनमें हरदोई (Hardoi), सीतापुर (Sitapur), उन्नाव (Unnao), बाराबंकी (Barabanki), रायबरेली (Raebareli) और कानपुर देहात (Kanpur Dehat) हैं। इस बड़े क्षेत्र में विकास की अपार संभावनाएं (Immense Possibilities) हैं।

विकास की दिशा में अगले कदम

सरकार इस परियोजना को वर्ष 2047 तक पूरा करने का लक्ष्य (Target) रख रही है। इस एससीआर के निर्माण से न केवल आर्थिक गतिविधियां (Economic Activities) बढ़ेंगी, बल्कि यह क्षेत्र शहरीकरण (Urbanization) के नए मानदंड स्थापित करेगा। इस बड़े प्रोजेक्ट के लिए ग्लोबल टेंडर (Global Tender) जारी करने की भी योजना है।

एससीआर के समग्र विकास का ब्लूप्रिंट

इस प्रस्तावित एससीआर के ब्लूप्रिंट (Blueprint) में शैक्षिक (Educational), चिकित्सा (Medical), स्वास्थ्य (Health) ढांचे के अलावा पुरातात्विक (Archaeological), ऐतिहासिक (Historical), सांस्कृतिक (Cultural) और धार्मिक (Religious) स्थलों के साथ-साथ पर्यटन (Tourism) को भी विशेष महत्व दिया जाएगा। इस व्यापक योजना से उत्तर प्रदेश के विकास को नई दिशा मिलेगी।