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पेट्रोल पम्प पर इस तरीके से ग्राहक को बनाया जाता है उल्लू, भोलेभाले लोग तो इन चीजों पर नही दे पाते ध्यान

इंदौर में पेट्रोल और डीजल की चोरी और मिलावट को रोकने के लिए एक अनोखी पहल की गई है। एक याचिकाकर्ता ने जनोपयोगी लोक अदालत में याचिका दायर कर सभी पेट्रोल पंपों पर पारदर्शी पाइप लगवाने की मांग की है।
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इंदौर में पेट्रोल और डीजल की चोरी और मिलावट को रोकने के लिए एक अनोखी पहल की गई है। एक याचिकाकर्ता ने जनोपयोगी लोक अदालत में याचिका दायर कर सभी पेट्रोल पंपों पर पारदर्शी पाइप लगवाने की मांग की है। यह कदम पेट्रोल और डीजल की चोरी को रोकने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

पारदर्शिता से मिलावट पर लगाम

पारदर्शी पाइप का इस्तेमाल करने से ग्राहकों को यह सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी कि फ्यूल डिस्पेंसिंग यूनिट से उनके वाहन में जाने वाले ईंधन में किसी भी प्रकार की मिलावट या चोरी नहीं की जा रही है। यह प्रस्तावित उपाय ईंधन वितरण प्रक्रिया में अधिक पारदर्शिता लाने का एक कदम है।

ईंधन की शुद्धता की जांच

ग्राहकों के पास खुद से पेट्रोल और डीजल की शुद्धता की जांच करने का विकल्प भी है। फिल्टर पेपर का उपयोग करके मिनटों में इसकी जांच की जा सकती है। यह प्रक्रिया सरल है और ग्राहक पेट्रोल पंप संचालक से ही इसके लिए फिल्टर पेपर की मांग कर सकते हैं।

डेंसिटी जार से शुद्धता की अलग से जांच

अगर फिल्टर पेपर की जांच के बाद भी शंका बनी रहती है, तो डेंसिटी जार का उपयोग करके शुद्धता की अतिरिक्त जांच की जा सकती है। हर पेट्रोल पंप पर डेंसिटी जार उपलब्ध होता है, जिससे पेट्रोल और डीजल की डेंसिटी की जांच की जा सकती है।

ग्राहकों के अधिकार और सुरक्षा

कंज्यूमर प्रोटेक्शन एक्ट 1986 के तहत, हर ग्राहक को खरीदे गए पेट्रोल की शुद्धता मापने का अधिकार है। अगर मिलावटी पेट्रोल बेचा जाता है, तो ग्राहक सीधे कंपनी के अधिकारी को शिकायत कर सकते हैं या कंज्यूमर कोर्ट में इसकी शिकायत कर सकते हैं।