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सोने की खदान के नजदीक से होकर गुजरेगा ये नया एक्सप्रेसवे, 5 घंटे का सफर होगा 120 मिनट में पूरा

कश्मीर से कन्याकुमारी तक भारत में विभिन्न प्रकार के एक्सप्रेसवे और हाईवे निर्माणाधीन हैं जो देश के इंफ्रास्ट्रक्चर को नया आयाम दे रहे हैं।
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कश्मीर से कन्याकुमारी तक, भारत में विभिन्न प्रकार के एक्सप्रेसवे और हाईवे निर्माणाधीन हैं, जो देश के इंफ्रास्ट्रक्चर को नया आयाम दे रहे हैं। इनमें से प्रमुख है चेन्नई-बेंगलुरु एक्सप्रेसवे जिसके दिसंबर में खुलने की संभावना है। यह एक्सप्रेसवे दक्षिण भारत में चेन्नई और बेंगलुरु के बीच यात्रा के समय को काफी कम कर देगा और ट्रैफिक को सुगम बनाएगा।

एक्सप्रेसवे की विशेषताएं और महत्व

चेन्नई-बेंगलुरु एक्सप्रेसवे 258 किलोमीटर लंबा है और इसे 18,000 करोड़ रुपये की लागत से बनाया जा रहा है। यह एक्सप्रेसवे कर्नाटक के होसकोटे से शुरू होकर तमिलनाडु के श्री पेरुंबदुर में समाप्त होता है। इसके निर्माण के लिए 2560 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहित की गई है जिससे इसकी भव्यता और महत्व और भी बढ़ जाता है।

चेन्नई-बेंगलुरु की यात्रा में क्रांति

वर्तमान में चेन्नई से बेंगलुरु तक की यात्रा में 5 से 6 घंटे लगते हैं लेकिन इस एक्सप्रेसवे के तैयार होने के बाद यह दूरी महज सवा दो घंटे में तय की जा सकेगी। यह दोनों शहरों के बीच की दूरी को 80 किलोमीटर तक कम कर देगा जिससे यात्रा समय में भारी कमी आएगी और यात्रा करने वालों का समय एवं ईंधन दोनों बचेगा।

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औद्योगिक विकास में योगदान

चेन्नई और बेंगलुरु दोनों ही भारत के प्रमुख औद्योगिक केंद्र हैं। इस एक्सप्रेसवे के निर्माण से इन शहरों के बीच औद्योगिक संपर्क और भी मजबूत होगा। एक्सप्रेसवे के माध्यम से इंडस्ट्रियल कॉरिडोर की स्थापना की जा रही है, जिससे व्यापार और निवेश के नए अवसर खुलेंगे।

एक्सप्रेसवे से जुड़ेगे ये शहर

यह एक्सप्रेसवे कर्नाटक के होसकोटे, मलूर, बंगरापेट, कोलार गोल्ड फील्ड्स, तमिलनाडु के चित्तूर, रानीपेट, और श्री पेरुंबदुर जैसे शहरों से होकर गुजरेगा। इससे क्षेत्रीय विकास में तेजी आएगी और स्थानीय लोगों को नौकरी और व्यवसाय के नए अवसर मिलेंगे।