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Today Onion Price: सातवें आसमान से औंधे मुंह धड़ाम से गिरी प्याज की नई कीमतें, लोग एक दो किलो की जगह बोरी भरके खरीदारी करने में जुटे

आज के समय में जब आर्थिक स्थिरता एक बड़ी चुनौती है, वहां प्याज की निर्यात बंदी ने किसानों के सामने एक नई मुसीबत खड़ी कर दी है। 1 अप्रैल के बाद भी जारी इस निर्यात बंदी के चलते प्रमुख मंडियों में प्याज के दाम गिरकर...
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आज के समय में जब आर्थिक स्थिरता एक बड़ी चुनौती है, वहां प्याज की निर्यात बंदी ने किसानों के सामने एक नई मुसीबत खड़ी कर दी है। 1 अप्रैल के बाद भी जारी इस निर्यात बंदी के चलते प्रमुख मंडियों में प्याज के दाम गिरकर मात्र 20 रुपये प्रति किलो पर आ गए हैं, जो किसानों की उत्पादन लागत से भी कम है।

किसानों की बढ़ती चिंता

निर्यात बंदी के कारण महाराष्ट्र सहित विभिन्न राज्यों के किसानों को अपनी मेहनत का सही मूल्य नहीं मिल पा रहा है। किसानों का कहना है कि उनके पास उत्पादन की लागत निकालने के लिए भी पर्याप्त दाम नहीं मिल रहे हैं। ऐसे में ज्यादातर किसान 2 से 7 रुपये प्रति किलो के बीच के दाम पर ही संतोष कर रहे हैं।

निर्यात बंदी के प्रभाव

केंद्र सरकार द्वारा 31 मार्च 2024 तक प्याज की निर्यात बंदी को बढ़ाए जाने का निर्णय किसानों के लिए एक बड़ी निराशा है। किसानों को उम्मीद थी कि निर्यात बंदी के खत्म होने पर उन्हें अपने उत्पादन का उचित मूल्य मिलेगा, लेकिन इस निर्णय ने उनकी आशाओं पर पानी फेर दिया है।

किस मंडी में कितना है दाम   

  • कोल्हापुर मंडी में 1अप्रैल को 10028 क्विंटल प्याज बिकने के लिए आया। यहां न्यूनतम दाम 700, अधिकतम 1800 और औसत दाम 1300 रुपये प्रति क्विंटल रहा। 
  • छत्रपति संभाजीनगर में 1727 क्विंटल प्याज की आवक हुई। न्यूनतम दाम 500, अधिकतम 1300 और औसत दाम 990 रुपये प्रति क्विंटल रहा। 
  • करदा जिले मंडी में 150  क्विंटल प्याज की आवक हुई।  न्यूनतम दाम 500, अधिकतम 1300 और औसत दाम 1300  रुपये प्रति क्विंटल रहा। 
  • बरामती मंडी में सिर्फ 709 क्विंटल प्याज की आवक हुई। यहां न्यूनतम दाम 300, अधिकतम 1500 और औसत दाम 1100  रुपये प्रति क्विंटल रहा।

किसानों में बढ़ता आक्रोश

महाराष्ट्र के किसानों में इस निर्यात बंदी के खिलाफ गहरा रोष है। वे सरकार से इस निर्णय को पुनः विचार करने और किसान हित में उचित कदम उठाने की मांग कर रहे हैं। उनका मानना है कि इस निर्णय ने उन्हें आर्थिक रूप से कमजोर कर दिया है और उनके सामने जीविका का संकट खड़ा कर दिया है।