home page

आज रविवार के दिन भी बैंक समेत ये ऑफ़िस भी रहेंगे खुले, आम जनता करवा सकती है जरुरी काम

मार्च के महीने के आखिरी दिन जिसे वित्तीय वर्ष 2024 (FY24) आज समाप्त होने जा रहा है। इस दौरान जहां कुछ लोग लॉन्ग वीकेंड की छुट्टियों का आनंद ले रहे होते हैं
 | 
march-closing-today-and-tomorrow-not-only
   

मार्च के महीने के आखिरी दिन जिसे वित्तीय वर्ष 2024 (FY24) आज समाप्त होने जा रहा है। इस दौरान जहां कुछ लोग लॉन्ग वीकेंड की छुट्टियों का आनंद ले रहे होते हैं वहीं दूसरी ओर कई संस्थानों और दफ्तरों में छुट्टियां रद्द कर दी जाती हैं।

बैंकों और वित्तीय संस्थानों में व्यस्तता

इस वीकेंड के दौरान बैंक एलआईसी इनकम टैक्स विभाग सहित अन्य कई वित्तीय संस्थान अपने द्वारों को खुला रखेंगे। रिजर्व बैंक द्वारा एजेंसी बैंकिंग करने वाले सभी बैंकों को इस सप्ताहांत पर अपनी शाखाओं को खुला रखने की सलाह दी गई है। इसमें सरकारी और प्राइवेट दोनों प्रकार के बैंक शामिल हैं जिनमें SBI, PNB, BOB, HDFC Bank, ICICI Bank जैसे बड़े के नाम शामिल हैं।

रिजर्व बैंक और इनकम टैक्स विभाग में विशेष व्यवस्था

रिजर्व बैंक ने नोटिफिकेशन जारी करके बताया है कि वित्त वर्ष के आखिरी दिनों में उसके कई दफ्तर जो सरकारी काम-काज से जुड़े हैं खुले रहेंगे। इसी तरह इनकम टैक्स विभाग ने भी अपने सभी ऑफिसों को खुले रखने का निर्णय लिया है ताकि चालू वित्त वर्ष के पेंडिंग कामों को समय रहते पूरा किया जा सके।

बैंकों में किए जाने वाले काम-काज

आरबीआई के मुताबिक इस दौरान बैंकों में सामान्य बिजनेस के साथ-साथ नेशनल इलेक्ट्रॉनिक फंड्स ट्रांसफर (NEFT) और रियल टाइम ग्रॉस सेटलमेंट (RTGS) जैसे इलेक्ट्रॉनिक ट्रांजेक्शन भी किए जा सकेंगे। इसके अलावा चेक क्लियरिंग जैसी सेवाएं भी उपलब्ध रहेंगी।

बीमा कंपनियों का भी खुले रहना

बीमा नियामक इरडा ने भी इंश्योरेंस कंपनियों को इस सप्ताहांत पर अपने दफ्तर खुले रखने की सलाह दी है। इससे ग्राहकों को अपनी पॉलिसी से संबंधित अंतिम समय के काम निपटाने में सुविधा होगी।

लॉन्ग वीकेंड पर असर 

जहां एक ओर इन व्यवस्थाओं से कुछ लोगों के लॉन्ग वीकेंड की योजनाओं पर पानी फिर गया है वहीं दूसरी ओर इससे वित्तीय वर्ष के अंतिम समय में अपने जरूरी कार्य निपटाने में आसानी होगी। यह समय वित्तीय संस्थानों और उनके ग्राहकों दोनों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होता है जिसमें पिछले साल के लेन-देन को सुनिश्चित करने और नए वित्त वर्ष के लिए तैयारी करने की जरूरत होती है।