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Today Tomato Price: बारिश के बाद सातवें आसमान पर पहुंचे सब्जियो के दाम, टमाटर और प्याज के रेट सुनकर तो उड़ जाएगी नींद

मई से लेकर 15 जून तक तो सब्जियों के दाम पहले से ही ऊंचे थे लेकिन बारिश के मौसम की शुरुआत होते ही दामों में और बढ़ोतरी हो गई है।
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उत्तराखंड का खैट पर्वत जिसे 'परियों का देश' के नाम से भी जाना जाता है अपनी अनोखी खूबसूरती के लिए प्रसिद्ध है।
   

मई से लेकर 15 जून तक तो सब्जियों के दाम पहले से ही ऊंचे थे लेकिन बारिश के मौसम की शुरुआत होते ही दामों में और बढ़ोतरी हो गई है। मंडी में सब्जियों के दाम कुछ ही दिनों में दोगुने से अधिक हो गए हैं। इस स्थिति से आम आदमी की थाली से हरी सब्जियां गायब होती जा रही हैं। टमाटर, आलू और प्याज जैसी रोजाना की सब्जियां भी 50 रुपए प्रति किलो से अधिक के भाव में बिक रही हैं।

विक्रेताओं और ग्राहकों की प्रतिक्रिया

सब्जी विक्रेताओं का कहना है कि हर साल गर्मी के अंत में और बारिश के आरंभ में सब्जियों के दाम बढ़ते हैं, पर इस वर्ष बढ़ोतरी काफी अधिक हुई है। दूसरी ओर महिलाओं ने बताया कि इस बढ़ोतरी ने उनके रसोई का बजट पूरी तरह से बिगाड़ दिया है। जहां पहले वे एक हफ्ते में 500 रुपए में सब्जी खरीद लेते थे वहीं अब उन्हें 1000 रुपए खर्च करने पड़ रहे हैं।

सब्जियों के दामों में बढ़ोतरी का कारण

पिछले 15 दिनों के दौरान सब्जियों के दाम में भारी उछाल आया है। जैसे भिंडी के दाम 20 रुपए से बढ़कर 60-80 रुपए, शिमला मिर्च के दाम 30 रुपए से बढ़कर 120 रुपए से अधिक हो गए हैं। टमाटर और प्याज जैसी आम सब्जियां भी दोगुनी कीमत पर बिक रही हैं। यहां तक कि लोकल सब्जियां भी मंडी में कम आ रही हैं और उपलब्धता की कमी के कारण दाम बढ़े हुए हैं।

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आने वाले समय में क्या रहेगी कीमत 

सब्जी विक्रेताओं के अनुसार सब्जियों की कीमतें कम होने के फिलहाल कोई आसार नहीं हैं। वे बताते हैं कि 15 अगस्त तक कीमतों में तेजी रहेगी। गर्मी और बारिश के बदलते मौसम के कारण सब्जियों की पैदावार पर असर पड़ रहा है जिससे उत्पादन में कमी आई है। इसलिए जब तक नई सब्जियों की आवक नहीं बढ़ती तब तक कीमतों में गिरावट की संभावना कम ही रहेगी।