home page

UP FARMER NEWS: यूपी के 70 हजार किसानों को योगी सरकार देगी तोहफा, बैंक खाते में भेजे जाएंगे 2000-2000 रुपए

उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में कृषि क्षेत्र (Agriculture Sector) के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। जिन किसानों ने अभी तक आधार सीडिंग (Aadhaar Seeding), ई-केवाईसी (e-KYC), और लैंड सीडिंग नहीं कराई है।
 | 
UP farmers will benefit

उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में कृषि क्षेत्र (Agriculture Sector) के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। जिन किसानों ने अभी तक आधार सीडिंग (Aadhaar Seeding), ई-केवाईसी (e-KYC), और लैंड सीडिंग (Land Seeding) नहीं कराई है।

वे भी अब प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM Kisan Samman Nidhi) की 16वीं किश्त का लाभ उठा सकते हैं। इसके लिए जिला प्रशासन की ओर से विशेष प्रयास किए जा रहे हैं।

ग्राम पंचायत स्तर पर कैंप का आयोजन

इस योजना के अंतर्गत, बदायूं जिले (Badaun District) के 70 हजार किसानों को विशेष रूप से लक्षित किया गया है। इन किसानों को सहायता प्रदान करने के लिए, एक फरवरी से पांच मार्च तक ग्राम पंचायत स्तर पर विशेष कैंप (Special Camps) आयोजित किए जाएंगे। इस पहल के माध्यम से, किसानों को आधार सीडिंग, ई-केवाईसी, और लैंड सीडिंग की प्रक्रिया में मदद की जाएगी।

डीएम के निर्देशन में कैंप की तैयारी

डीएम मनोज कुमार (DM Manoj Kumar) के निर्देशन में, इन कैंपों की तैयारी पूरी कर ली गई है। उनकी मुख्य इच्छा है कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ योग्य सभी किसानों (Eligible Farmers) तक पहुंचे। इस पहल से, जो किसान अब तक इस योजना से वंचित रहे हैं, उन्हें भी लाभ मिलेगा।

कैंप में लेखपाल और कृषि विभाग की भूमिका

कैंपों में, लेखपाल (Lekhpal), कृषि विभाग के कर्मचारी (Agriculture Department Employees), सीएचसी के संचालक, और डाक विभाग के प्रतिनिधि (Postal Department Representatives) भी उपस्थित रहेंगे।

ये सभी मिलकर किसानों की तत्काल समस्याओं (Immediate Problems) का समाधान करेंगे और उन्हें योजना का लाभ उठाने में सहायता प्रदान करेंगे।

किसानों के लिए एक सुनहरा अवसर

यूपी के किसानों के लिए यह एक अनूठा और सुनहरा अवसर (Golden Opportunity) है। इस पहल से न केवल उन किसानों को लाभ होगा जो अब तक इस योजना से वंचित थे, बल्कि यह योजना के प्रति जागरूकता (Awareness) भी बढ़ाएगा।

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत इस पहल की सफलता से, अन्य राज्यों के लिए भी एक मॉडल (Model) प्रस्तुत होगा, जिससे देश के हर कोने में किसानों को समर्थन और सशक्तिकरण (Empowerment) मिल सकेगा।