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जेल में बंद कैदी क्या काम करके कमाते है पैसे, जाने उन पैसों का कहां होता है इस्तेमाल

भारत में बढ़ती जनसंख्या के साथ-साथ आपराधिक गतिविधियों में भी बढ़ोतरी हुई है। इसके परिणामस्वरूप अधिक संख्या में अपराधियों को जेलों में सजा काटते हुए देखा जा रहा है। हालांकि जेल प्रशासन ने कैदियों के सुधार और पुनर्वास के लिए कई पहलें की हैं।
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भारत में बढ़ती जनसंख्या के साथ-साथ आपराधिक गतिविधियों में भी बढ़ोतरी हुई है। इसके परिणामस्वरूप अधिक संख्या में अपराधियों को जेलों में सजा काटते हुए देखा जा रहा है। हालांकि जेल प्रशासन ने कैदियों के सुधार और पुनर्वास के लिए कई पहलें की हैं।

जेलों में कार्य की व्यवस्था

जेलों में बंदी कैदियों को उनकी योग्यता और क्षमता के अनुसार विविध प्रकार के कार्य सौंपे जाते हैं। ये कार्य उत्पादन संबंधित गतिविधियों से लेकर जेल के अंदरूनी रख-रखाव तक हो सकते हैं। इससे न केवल कैदियों में एक सकारात्मक दिशा और उद्देश्य की भावना विकसित होती है बल्कि वे जेल के बाहर एक सामाजिक जीवन में वापसी के लिए तैयार भी होते हैं।

ट्रेनिंग और स्किल डेवलपमेंट

जेल प्रशासन द्वारा कैदियों को विभिन्न प्रकार की ट्रेनिंग प्रदान की जाती है जैसे कि हस्तशिल्प, बुनाई, पेंटिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स, कंप्यूटर स्किल्स आदि। यह ट्रेनिंग उन्हें न केवल जेल के अंदर बल्कि बाहर भी आत्मनिर्भर बनाने के लिए सशक्त बनाती है।

मेहनताने देना 

जेल में काम करने के बदले कैदियों को एक निश्चित मेहनताना दिया जाता है। यह मेहनताना उनके काम के प्रकार अनुभव और कार्य कुशलता के आधार पर निर्धारित किया जाता है। इस प्रकार कैदी न केवल अपने परिवार की आर्थिक सहायता कर सकते हैं बल्कि खुद को एक उत्पादक सदस्य के रूप में भी देख सकते हैं।

कैदियों के परिवारों को सहायता

जेल से अर्जित धनराशि का उपयोग कैदी अपने परिवारों की आर्थिक सहायता के लिए कर सकते हैं। यह धनराशि चेक के माध्यम से उनके परिवार या वकीलों को भेजी जा सकती है। इससे जेल में बंद व्यक्ति का समाज से जुड़ाव बना रहता है और उन्हें बाहरी दुनिया में अपनी भूमिका की एक झलक मिलती है।