ट्रेन की छत पर लगे इन गोल ढक्कन का क्या होता है काम, अगर ना हो तो जा सकती है जान
train roof ventilator: भारतीय रेलवे को अक्सर देश की लाइफलाइन कहा जाता है जिसमें रोजाना लाखों लोग सफर करते हैं. यात्रा के दौरान आपने अक्सर ट्रेन की छत पर गोल ढक्कनों को देखा होगा. इन गोल ढक्कनों का मुख्य काम ट्रेन के अंदर हवा का संचार (air circulation) सुनिश्चित करना है. खासकर जनरल कोच में जहाँ यात्रियों की संख्या अधिक होती है वहां ये ढक्कन गर्म हवा को बाहर निकालने और ताजी हवा को अंदर लाने में सहायक होते हैं.
बारिश के दौरान सुरक्षा का महत्व
बारिश (rain protection) के समय ये ढक्कन विशेष रूप से उपयोगी सिद्ध होते हैं. बारिश के दौरान जब ढक्कन बंद होते हैं तो यह पानी को अंदर आने से रोकते हैं और यात्रियों को सुरक्षित रखते हैं. इस तरह ये ढक्कन हवा के संचार के साथ-साथ बारिश से भी सुरक्षा मिलती हैं.
गर्मी और उमस से राहत
जैसे-जैसे गर्म हवा ऊपर की ओर उठती है ये ढक्कन और छत पर लगी जालियां (heat dissipation) गर्म हवा को बाहर निकालने का कार्य करते हैं. इससे ट्रेन के अंदर का तापमान संतुलित रहता है और यात्रियों को उमस और गर्मी से राहत मिलती है जिससे वे अपनी यात्रा को आरामदायक (comfortable journey) महसूस करते हैं.
यात्रियों के लिए आरामदायक यात्रा की सुविधा
इन ढक्कनों के कारण ही ट्रेन के अंदर हवा का उचित संचार होता है जिससे यात्री आराम से अपनी यात्रा कर पाते हैं. आरामदायक यात्रा (comfort in travel) के लिए इस तरह की व्यवस्था बहुत जरूरी है खासकर लंबी दूरी की यात्राओं में.
स्वास्थ्य और सुरक्षा की गारंटी
हवा का अच्छा संचार न होने पर यात्रियों को सांस लेने में दिक्कत (health risks) हो सकती है जो कई बार गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है. इसलिए इन गोल ढक्कनों की व्यवस्था यात्रियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को सुनिश्चित करती है.
लंबे समय तक डिब्बों की सुरक्षा
ये ढक्कन ट्रेन के अंदर नमी को कम करने में मदद करते हैं, जिससे कोच की उम्र बढ़ जाती है और उनका रख-रखाव (maintenance of coaches) आसान हो जाता है. इससे रेलवे को लंबे समय तक अपनी सेवाएं बेहतर ढंग से प्रदान करने में सहायता मिलती है.