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Wine Beer: इस राज्य में प्लास्टिक की बोतलों में नही होगी देशी शराब की बिक्री, एक मार्च से लागू होगा ये नया नियम

हरियाणा के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने एक महत्वपूर्ण घोषणा की है जिसके तहत 1 मार्च 2024 से प्रदेश में देशी शराब (Country Liquor) को प्लास्टिक की बोतलों (Plastic Bottles) में बेचने पर प्रतिबंध (Ban) लगाया जाएगा।
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platstic bottle Ban Country Liquor

हरियाणा (Haryana) के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला (Dushyant Chautala) ने एक महत्वपूर्ण घोषणा की है जिसके तहत 1 मार्च 2024 से प्रदेश में देशी शराब (Country Liquor) को प्लास्टिक की बोतलों (Plastic Bottles) में बेचने पर प्रतिबंध (Ban) लगाया जाएगा। इस कदम के साथ हरियाणा भारत का पहला राज्य बन गया है जिसने इस तरह की पहल की है।

जीएसटी संग्रह में उल्लेखनीय वृद्धि

चौटाला ने बताया कि पिछले चार सालों में जीएसटी संग्रह (GST Collection) में 30 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। इस वित्तीय वर्ष (Financial Year) में अब तक 16 प्रतिशत की बढ़ोतरी हो चुकी है।

जिससे प्रदेश सरकार को 32 हजार 456 करोड़ रुपये टैक्स (Tax) के रूप में प्राप्त हुए हैं। इसके साथ ही, उन्होंने पूर्ण विश्वास जताया कि 36 हजार करोड़ रुपये के जीएसटी संग्रह के लक्ष्य को समय रहते पूरा कर लिया जाएगा।

एक्साइज टैक्स में वृद्धि

उपमुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि वर्ष 2019-2020 में एक्साइज टैक्स (Excise Tax) से 6361 करोड़ रुपये प्राप्त हुए थे। पिछले साल 2023 तक जुलाई में यह आंकड़ा बढ़कर 9687 करोड़ रुपये हो गया, जबकि इस वर्ष 28 जनवरी 2024 तक ही 9232 करोड़ रुपये एकत्रित (Collected) हो चुके हैं।

उनकी उम्मीद है कि आबकारी वर्ष (Excise Year) के अंत तक राज्य सरकार 10 हजार 500 करोड़ रुपये के लक्ष्य से आगे निकलकर 11 हजार 500 करोड़ रुपये का टैक्स प्राप्त कर लेगी।

एक पर्यावरण के अनुकूल पहल

उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला की इस घोषणा से हरियाणा ने न केवल पर्यावरण संरक्षण (Environmental Protection) की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है, बल्कि अन्य राज्यों के लिए भी एक उदाहरण प्रस्तुत किया है।

इस पहल के साथ ही, जीएसटी और एक्साइज टैक्स संग्रह में वृद्धि दर्शाती है कि प्रदेश सरकार वित्तीय स्थिरता (Financial Stability) और पर्यावरण संरक्षण दोनों के प्रति समर्पित है।

यह न केवल आर्थिक विकास (Economic Development) की ओर एक कदम है बल्कि स्वच्छ और हरित पर्यावरण (Clean and Green Environment) की ओर भी एक महत्वपूर्ण योगदान है।