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Wine Beer: एक दिन में इस लिमिट से ज्यादा शराब पीने से हो सकती है बड़ी दिक्क्त, हर आदमी को पता होनी चाहिए ये जरुरी बात

आजकल शराब पीना बहुत से लोगों की जीवनशैली का एक अहम हिस्सा बन चुकी है। लेकिन शराब पीने से हमारे शरीर में कई समस्याएं पैदा हो सकती है। यह जानते हुए भी बहुत से लोग इसका सेवन करते है.
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limited amount of alcohol

आजकल शराब पीना बहुत से लोगों की जीवनशैली का एक अहम हिस्सा बन चुकी है। लेकिन शराब पीने से हमारे शरीर में कई समस्याएं पैदा हो सकती है। यह जानते हुए भी बहुत से लोग इसका सेवन करते है. हम हमेशा सुनते रहे हैं कि शराब शरीर के लिए जहर है, इससे न सिर्फ हमारी सेहत, बल्कि हमारी जीवनशैली भी बुरी तरह प्रभावित होती है, पर क्या ये वाकई में हकीकत है?

ये सवाल आज इसलिए पूछ रहे हैं, क्योंकि एक मेडिकल रिपोर्ट ने बरसों पुरानी इस परिपाटी को तबदील ही कर दिया. आजकल के दौर में शराब लोगों की सोशल लाइफ का एक अभिन्न हिस्सा बन चुकी है, यही वजह है कि लोग कभी गम में तो कभी खुशी का इजहार करने के लिए शराब का सेवन(alcohol abuse) करते हैं...

मगर इस रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अगर एक तय मात्रा अनुसार शराब का सेवन किया जाए, तो वो सेहत के लिए नुकसानदायक नहीं हैं. दरअसल चाहे ड्रिंक्स कोई भी हो, उसका मुख्य साइकोएक्टिव इंग्रीडिएंट (Psychoactive Ingredients) होता है.

इथेनॉल, जिसे हम आम भाषा में ऐल्कोहॉल भी कहते हैं. ऐल्कोहॉल सीधा इंसान के मूड और मेंटल स्टेट पर प्रभाव पड़ता है. ऐसे में चलिए आज जानते हैं कि आखिर कैसे इस रिपोर्ट में तय मात्रा में शराब(limited amount of alcohol) के सेवन को सही बताया गया है.  

अधिक शराब पीने के गंभीर परिणाम

लीवर को नुकसान-ज्यादा शराब का सेवन आपके लीवर को बुरी तरह से डैमेज कर सकता है. लीवर का काम शरीर को डिटॉक्सिफाई करना होता है लेकिन अगर बहुत ज्यादा शराब का सेवन आप कर रहे हैं. तो यह शरीर को डिटॉक्सिफाई करने में मुश्किल का सामना करता है।

लीवर की पूरी एनर्जी शराब में ही खत्म हो जाती है और लीवर थक जाता है इसके बाद भी शराब का सेवन होते रहने से लिवर पर शराब ही फैटी लिवर के रूप में जमा होने लगता है. इसके अलावा बहुत सारी लीवर से संबंधित बीमारियां पैदा होती है.

लिवर में सूजन लिवर फेल होने का खतरा एल्कोहलिक फैटी लिवर एल्कोहलिक हेपिटाइटिस और एल्कोहलिक सिरोसिस जैसी समस्या हो सकती है. अत्यधिक शराब का सेवन लिवर को इतनी ज्यादा प्रभावित करती है कि यह पूरी तरह से डैमेज हो जाती है और इससे व्यक्ति की मौत भी हो सकती है.

पैंक्रियटिक कैंसर का खतरा

पैंक्रियास को हम सभी इंसुलिन और अन्य रसायन बनाने के लिए जानते हैं. यह आपके आंतो की भोजन को तोड़ने में मदद करता है, लेकिन जब आप अत्यधिक शराब पीते हैं तो ये उस प्रक्रिया को रोक देता है. पैंक्रियास के अंदर जो जो रसायन रहते हैं।

वो शराब के विषाक्त पदार्थों के साथ मिलकर अंग में सूजन पैदा करते हैं, जिससे गंभीर क्षति होती है और आपको पैंक्रियटिक कैंसर होने की भी संभावना बढ़ जाती है. इंसुलिन कम बनने की वजह से डायबिटीज का खतरा बढ़ सकता है

दिल के लिए नुकसानदायक

नेशनल एसोसिएशन ऑफ हार्ट के मुताबिक अल्कोहल हृदय स्वास्थ्य के लिए बहुत ज्यादा नुकसानदायक है. ज्यादा शराब पीने से रक्त में वसा का स्तर बढ़ जाता है. जिससे दिल का दौरा और स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है.

हड्डियों की समस्या

ज्यादा शराब पीने से हड्डियां कमजोर हो सकती है. शराब की वजह से शरीर में सही मात्रा में कैल्शियम और विटामिन डी काम नहीं कर पाता है. लो बोन डेंसिटी की समस्या होती है ऐसे लोग ऑस्टियोपोरोसिस के शिकार हो सकते हैं. 

इनफर्टिलिटी की समस्या

ज्यादा शराब का सेवन करने से इनफर्टिलिटी की समस्या होती है. अगर सप्ताह में कोई 14 या इससे ज्यादा ड्रिंक लेता है तो संभव है कि उसका टेस्टोस्टेरोन लेवल कम होगा और स्पर्म काउंट पर असर पड़ेगा.

यूं समझिए... शराब का कितना सेवन सही

हमेशा शराब का सेवन स्टैन्डर्ड ड्रिंक के साइज (Standard drink size) के मुताबिक होना चाहिए, मसलन एक स्टैन्डर्ड ड्रिंक का साइज 330 ml बीयर, 30 ml डिस्ट्रिल्ड स्प्रिट और 150 ml वाइन होता है. ऐसे में अगर इसके अनुसार शराब का सेवन किया जाए तो शरीर को होने वाला नुकसान काफी हद तक कम हो जाता है.

हालांकि ध्यान इस बात का रखना है. कि एक दिन में कुल 3 ड्रिंक्स ही पीना शरीर के लिए सही है, वो भी एक घंटे में सिर्फ एक ड्रिंक. यदि आप एक से ज्यादा स्टैन्डर्ड ड्रिंक पीते हैं, तो ये आपके शरीर पर नकारात्मक प्रभाव छोड़ सकती है. 

यूं नुकसान पहुंचाती है शराब

जान लें कि हम सभी के शरीर में मौजूद एक खास तरह का एंजाइम ऐल्कोहॉल डाइजेस्ट करने का काम करता है, इस एंजाइम को ऐल्कोहॉल हाइड्रोजन नेट के नाम से पहचाना जाता है. जिस किसी के लीवर में इसकी मात्रा ठीक होती है, उसे शराब ज्यादा नुकसान नहीं करती, जबकि जिन्में इसकी मात्रा कम होती है, उन्हें कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है.