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बादशाह को खुश करने के लिए हरम में लाई जाती थी भारी-भरकम शरीर वाली महिलाएं, फिर बादशाह को खुश करने के लिए करती थी ये काम

मुगल साम्राज्य का इतिहास उसकी संस्कृति और वास्तुकला ने सदैव विश्व भर के इतिहासकारों, यात्रियों और मुगलों को जानने की इच्छा रखने वालों का ध्यान आकर्षित किया है। इस साम्राज्य के अनेक पहलू ऐसे हैं जो आज भी...
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मुगल साम्राज्य का इतिहास उसकी संस्कृति और वास्तुकला ने सदैव विश्व भर के इतिहासकारों, यात्रियों और मुगलों को जानने की इच्छा रखने वालों का ध्यान आकर्षित किया है। इस साम्राज्य के अनेक पहलू ऐसे हैं जो आज भी लोगों के बीच उत्सुकता का विषय बने हुए हैं, जिनमें से एक है मुगलों का हरम।

मुगल हरम की ये कहानियाँ और विवरण न केवल उस समय की सामाजिक और राजनीतिक व्यवस्था को समझने में मदद करते हैं, बल्कि उस युग की सांस्कृतिक धारणाओं और जीवनशैली की गहराई में भी ले जाते हैं।

हरम का रहस्य और रोमांच का संगम

मुगल साम्राज्य में हरम को एक ऐसी जगह माना जाता था जहाँ महिलाओं का एक विशेष समुदाय रहता था। यह स्थान सिर्फ बादशाह और उसके निकटतम परिजनों के लिए सुलभ था। बाबर के समय से शुरू होकर अकबर के कार्यकाल में इसे विशेष विस्तार प्रदान किया गया।

इतिहासकार अबु फजल के 'अकबरनामा' के अनुसार अकबर के हरम में 5 हज़ार से अधिक महिलाएं थीं, जिनमें से अनेक दासियाँ विभिन्न देशों से लाई गई थीं।

सुरक्षा की कड़ी व्यवस्था

हरम की सुरक्षा की व्यवस्था अत्यंत कठोर थी। पहरे के लिए विशेष रूप से प्रशिक्षित महिलाओं को रखा गया था। इनमें से कुछ को उज्बेकिस्तान जैसे सैन्य प्रशिक्षण में कुशल स्थानों से लाया गया था। इनका मुख्य काम था हरम की सुरक्षा सुनिश्चित करना।

किन्नरों की भूमिका

हरम में सुरक्षा की दूसरी पंक्ति में किन्नरों को शामिल किया गया था, जिनका काम था हरम के अंदर की व्यवस्था बनाए रखना और षडयंत्रों की जानकारी बादशाह तक पहुँचाना। इनकी उपस्थिति से हरम की सुरक्षा और भी मजबूत होती थी।

विदेशी यात्रियों की अनोखी पहुँच

हरम में दो विदेशी यात्रियों मनूची और फ्रांस्वा बर्नियर को प्रवेश की अनुमति मिली। इनके लिखे इतिहास ने मुगलों के हरम के कई रहस्यों को उजागर किया। इनकी पहुंच ने हरम की गोपनीयता को तोड़ा और दुनिया को उसके भीतर की जीवनशैली की एक झलक प्रदान की।

हरम के नियम और उसका महत्व

मुगल हरम में विशेष नियम थे जिससे बादशाह के अलावा कोई भी पुरुष इसके भीतर प्रवेश नहीं कर सकता था। इस व्यवस्था से हरम की महिलाओं की सुरक्षा और गोपनीयता सुनिश्चित होती थी। हरम न केवल मुगल सम्राटों की निजी जिंदगी का एक हिस्सा था, बल्कि साम्राज्य की राजनीतिक और सामाजिक संरचना में भी इसका गहरा प्रभाव था।