होली में घर पर इस लिमिट से ज्यादा नही रख सकते है शराब, वरना बढ़ सकती है दिक्क्त
होली रंगों और उमंग का त्योहार अपने साथ ढेर सारी मस्ती और उल्लास लेकर आता है। इस दिन लोग न सिर्फ रंगों से खेलते हैं बल्कि जश्न मनाने के लिए पार्टीज़ भी करते हैं जहाँ अक्सर जाम छलकते नज़र आते हैं। होली पर पार्टी की योजना बना रहे लोगों के लिए यह जानना महत्वपूर्ण है कि घर में कितनी शराब स्टोर करना कानूनी है।
होली के दौरान शराब का स्टोर करते समय अपने राज्य के नियमों और रेगुलेशन का पालन करना महत्वपूर्ण है। सुरक्षित और जिम्मेदारी से उत्सव मनाने के लिए यह जानकारी अत्यंत आवश्यक है।
शराब के स्टॉक की सीमा
चूंकि शराब संबंधित नियम राज्यों के आधार पर भिन्न होते हैं। इसलिए प्रत्येक राज्य की अपनी आबकारी नीतियाँ होती हैं। होली पर जश्न के लिए शराब का स्टॉक जुटाने से पहले अपने राज्य के नियमों को समझना ज़रूरी है।
पंजाब और हरियाणा में नियम
पंजाब में आप देशी या विदेशी शराब की मात्र दो बोतलें ही घर में स्टोर कर सकते हैं और अधिक मात्रा के लिए लाइसेंस की आवश्यकता होती है। हरियाणा में देशी शराब की छह और विदेशी शराब की 18 बोतलें स्टोर करने की अनुमति है।
दिल्ली में शराब स्टोरेज की सीमा
दिल्ली में 25 वर्ष से अधिक उम्र के व्यक्ति नौ लीटर व्हिस्की, रम या वोदका और 18 लीटर तक वाइन या बीयर स्टोर कर सकते हैं। इससे अधिक स्टॉक कानून का उल्लंघन होगा।
उत्तर प्रदेश में स्टोरेज की सीमा
उत्तर प्रदेश में एक व्यक्ति 4.5 लीटर विदेशी शराब यानी छह बोतलें और बीयर की अधिकतम 12 केन घर में स्टोर कर सकते हैं। देशी शराब के लिए यह सीमा एक लीटर तक है।
हिमाचल प्रदेश में अल्कोहल स्टॉक की सीमा
हिमाचल प्रदेश में एक व्यक्ति व्हिस्की की 36 बोतलें और बीयर की 48 बोतलें स्टोर कर सकते हैं। यहाँ लाइसेंस के माध्यम से स्टॉक सीमा बढ़ाई जा सकती है।
शराब पीने की न्यूनतम उम्र
भारत में शराब पीने की न्यूनतम उम्र राज्यों के हिसाब से 18, 21 या 25 वर्ष निर्धारित की गई है। जहां अधिकांश राज्यों में यह 21 या 25 है वहीं कुछ में यह 18 भी है।
शराब पर प्रतिबंध वाले राज्य
भारत के कुछ राज्यों में शराब पर पूर्ण प्रतिबंध है जैसे कि बिहार, गुजरात, लक्षद्वीप, नागालैंड और मिजोरम। ये प्रतिबंध सामाजिक और स्वास्थ्य संबंधी कारणों से लगाए गए हैं।
