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यूपी में इस काम के लिए वेरिफिकेशन करवाने की नही पड़ेगी जरुरत, योगी सरकार ने पुराने सिस्टम को किया खत्म

उत्तर प्रदेश सरकार ने जाति प्रमाण पत्र देने की प्रक्रिया को सरल बनाने का निर्णय लिया है। यह प्रक्रिया अब तेजी से संपन्न हो सकेगी जिसमें तहसीलदार यदि संतुष्ट होते हैं
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उत्तर प्रदेश सरकार ने जाति प्रमाण पत्र देने की प्रक्रिया को सरल बनाने का निर्णय लिया है। यह प्रक्रिया अब तेजी से संपन्न हो सकेगी जिसमें तहसीलदार यदि संतुष्ट होते हैं तो बिना किसी बाहरी सत्यापन के मात्र दो दिनों में ही जाति प्रमाण पत्र जारी कर सकेंगे। इस नई तकनीक के माध्यम से जाति प्रमाण पत्र प्राप्ति की प्रक्रिया को और अधिक स्पीड और आसान बनाया जा सकेगा।

प्रमाण पत्र जारी करने की संशोधित प्रक्रिया

प्रमुख सचिव राजस्व पी गुरुप्रसाद ने गुरुवार को जारी शासनादेश में बताया कि नई प्रक्रिया के अनुसार जाति प्रमाण पत्र के लिए आवेदन ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल पर किया जाएगा जहां आवेदक को अपना मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी दर्ज करनी होगी। आवेदन की पुष्टि के लिए ओटीपी प्राप्त होने के बाद आवेदक का नाम, जन्मतिथि और फोटो करवानी होगी। इस प्रक्रिया से सत्यापन की प्रक्रिया में स्पीड और सटीकता आएगी।

फैमिली आईडी से लिंक प्रमाण पत्र

यदि एक परिवार के एक से अधिक सदस्यों के जाति प्रमाण पत्र फैमिली आईडी से लिंक किए गए हैं, तो यह प्रक्रिया और भी सरल हो जाएगी। इससे परिवार के सदस्यों के जाति प्रमाण पत्रों को जारी करने में समय की बचत होगी और सत्यापन प्रक्रिया में आसानी होगी।

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आय प्रमाण पत्र के आधार पर जाति प्रमाणपत्र

अन्य पिछड़ा वर्ग के आवेदकों के लिए, जाति प्रमाण पत्र उनके आय प्रमाण पत्र के आधार पर जारी किया जाएगा जिसे तीन वर्ष की समय अवधि के भीतर आवेदन करना होगा। यह प्रक्रिया ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल पर संख्या दर्ज करने के बाद स्वचालित रूप से आय का विवरण प्रदर्शित करेगी जिससे सक्षम अधिकारी द्वारा जाति प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया और भी सुविधाजनक हो जाएगी।