home page

जो लोग अपनी ज़िंदगी में नही करते ये 3 काम वो जानवर की तरह जीते है अपना जीवन, जाने क्या है ख़ास कारण

प्रत्येक व्यक्ति का जीवन में एक विशिष्ट उद्देश्य होता है, कुछ लोग उस उद्देश्य को प्राप्त करते हैं जबकि अन्य नहीं करते हैं। भटके हुए लोग न केवल एक उद्देश्यहीन जीवन जीते हैं, बल्कि वे अपने जीवन में सुख, सफलता, शांति आदि प्राप्त करने में भी असमर्थ होते हैं।

 | 
Chanakya Niti for Successful Life

प्रत्येक व्यक्ति का जीवन में एक विशिष्ट उद्देश्य होता है, कुछ लोग उस उद्देश्य को प्राप्त करते हैं जबकि अन्य नहीं करते हैं। भटके हुए लोग न केवल एक उद्देश्यहीन जीवन जीते हैं, बल्कि वे अपने जीवन में सुख, सफलता, शांति आदि प्राप्त करने में भी असमर्थ होते हैं।

चरित्र पर चाणक्य की सलाह स्वस्थ आदतों को विकसित करने और बुरी आदतों से बचने के लिए एक मार्गदर्शक है। हम जानते हैं कि किसी व्यक्ति के जीवन से जो चीजें गायब हैं, वे उन्हें जानवरों की तरह जीने के लिए मजबूर कर सकती हैं।

इन चीजों के बिना बेकार है जीवन 

आचार्य चाणक्‍य ने अपने नीति शास्‍त्र चाणक्‍य नीति में एक श्‍लोक के जरिए बहुत अहम बात बताई है. 
'येषां न विद्या न तपो न दानं ज्ञानं न शीलं न गुणो न धर्मं: ।
ते मत्र्य लोके भुवि भारभूता मनुष्यरूपेण मृगाश्चरन्ति ।।' 

इस श्‍लोक के जरिए आचार्य चाणक्‍य ने कुछ चीजों की अहमियत बताई है और कहा है कि जिन लोगों में ये चीजें न हों उन लोगों का जीवन जानवर के समान है या ऐसे लोग धरती पर बोझ की तरह हैं. 

धर्म-तप: जो लोग धर्म-कर्म नहीं करते, साधना-भक्ति नहीं करते, उनका जीवन भी बेकार है. ऐसे लोगों को ना तो जीवन में कभी सुकून मिलता है, ना ही वे अपने जन्‍म को सुधारने के लिए कुछ कर पाते हैं. 

दान: जो व्‍यक्ति अपने जीवन में किसी के काम नहीं आया या जिसने कभी किसी की मदद नहीं की, दान नहीं किया उसका जीवन भी पूरी तरह बेकार है. ऐसे लोगों का धन भी जल्‍द ही नष्‍ट हो जाता है. जो लोग केवल अपने लिए जीवन जीते हैं, उनका जीवन पशु के समान है.